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राओ इंदरजीत की अनदेखी पड़ सकती है बीजेपी पर भारी

Medhaj News 30 Sep 19 , 06:01:39 Ajab Gajab
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हरियाणा में यादव समुदाय के सबसे बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत विधानसभा चुनाव में अपनी बेटी आरती को बीजेपी का टिकट दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बेटी को टिकट दिलाने के लिए राव इंद्रजीत अपना पद छोड़ने को तैयार हैं। 2014 में सीएम पद के दावेदारों में रहे राव इंद्रजीत ने गुडगांव, महेंद्रगढ और रेवाड़ी में बीजेपी को बड़ी कामयाबी दिलाई थी। राव इंद्रजीत के पिता बीरेंद्र सिंह हरियाणा के दूसरे सीएम रहे। बीरेंद्र सिंह ने कई बार लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की. इंद्रिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में बीरेंद्र सिंह केंद्रीय मंत्री भी रहे। 1998 में बीरेंद्र सिंह ने राजनीति से संन्यास ले लिया था। वहीं राव इंद्रजीत 1977 में पहली बार हरियाणा विधानसभा पहुंते. लोकसभा पहुंचने से पहले राव इंद्रजीत भजनलाल सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे।





राव इंद्रजीत सिंह अपने बेटी आरती राव को विधानसभा चुनाव का टिकट दिलाना चाहते हैं। हालांकि बीजेपी की बैठक में साफ हो चुका है कि सांसद के परिवार के सदस्यों को टिकट नहीं दिया जाएगा। लेकिन राव इंद्रजीत सिंह ने बीरेंद्र सिंह की तरह दांव चलते हुए बेटी को टिकट दिलाने के लिए अपना पद छोड़ने की बात कही है।

2009 में राव इंद्रजीत को केंद्रीय मंत्री नहीं बनाया गया। इसके बाद राव इंद्रजीत की कांग्रेस से दूरियां बढ़ने लगी। लोकसभा सांसद रहते हुए राव इंद्रजीत ने हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मोर्चा खोला। राव इंद्रजीत हुड्डा पर आरोप लगाते थे कि सीएम केवल अपने रोहतक इलाके का विकास कर रहे हैं। 2013 में हुड्डा से लंबी लड़ाई लड़ने के बाद राव इंद्रजीत ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। 2014 में गुड़गांव से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राव इंद्रजीत को रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री का प्रभार दिया गया। 2019 में भी राव इंद्रजीत ने गुड़गांव से जीत दर्ज की है और वह मोदी 2 सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं।



कयास लगाया जा रहा है की राव इन्द्रजीत सिंह रेवाड़ी विधानसभा सीट से बेटी आरती राव की टिकट की दावेदारी पेश कर रहे है। राव इन्द्रजीत सिंह दक्षिण हरियाणा के कद्दावर नेता है और रामपुरा हाउस का दक्षिण हरियाणा की 11 सीटों पर अच्छा खासा वजूद रहा है। यही वजह थी की 2014 के विधानसभा चुनाव में पटौदी, बावल, कोसली, नारनौल और नांगल चौधरी विधानसभा सीट पर बीजेपी ने राव इन्द्रजीत के मन मुताबिक टिकट का वितरण किया था। हालंकि गुरुग्राम, अटेली और रेवाड़ी सीट पर भी राव चाहते थे की उनके मुताबिक ही टिकट का वितरण हो लेकिन बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने ये स्वीकार नहीं किया था।





 

हरियाणा विधानसभा चुनाव में बेटी के लिए टिकट मांग रहे मंत्री राव इंद्रजीत का गुरुग्राम के विधायक उमेश अग्रवाल ने समर्थन दिया है। उमेश अग्रवाल ने ट्वीट कर पार्टी हाईकमान को चेताया कि बीजेपी में राव इंद्रजीत की अनदेखी महंगी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अनदेखी के कारण बीजेपी को दक्षिण हरियाणा में भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। विधायक उमेश अग्रवाल ने यह ट्वीट मुख्यमंत्री को भी टैग किया है।2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राव इंद्रजीत बीजेपी में शामिल हो गए।




 


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