14 जनवरी : मकर संक्रांति पर स्नान का महत्व

medhaj news 9 Jan 18 , 06:01:38 Ajab Gajab
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उत्तरी गोलार्द्ध को प्रकाशवान करने की क्रिया के साथ सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश को मकरसंक्रांति कहा जाता है |सूर्यदेव के उतरायण होने पर दिन बड़े होने लगते है और मनुष्य की कार्य छमता में वृधि होती है |जिससे मानव गति की ओर अग्रसर होता है |मकर संक्रांति की साधना से सारे शनि दोष पलायन कर जाते है |



पूजा विधि :



मकर स्नाक्रंती के दिन सूर्योदय से पहले स्नान आदि से निवृत्त हो सूर्योदय के समय ताम्र पात्र में जल,कुमकुम ,अक्षत ,लाल पुष्प आदि दाल कर पूजा करे |मकर स्नाक्रंती के दिन गंगा स्नान , गंगा सागर का स्नान विशेष महत्व रखता है |



सप्ताह के व्रत–त्यौहार :


































9 जनवरी  कालाअष्टमी
10 जनवरी  माघ कृष्णा नवमी शाम 5 बजकर 28 मिनट तक 
11 जनवरी  माघ कृष्णा दशमी 
12 जनवरी  षष्टतिला एकादशी व्रत |
13 जनवरी  लोहड़ी
14 जनवरी 

मकर संक्रांति (सूर्य मकर राशि में दोपहर 1 बजकर 47 मिनट पर )


15 जनवरी  मास शिवरात्रि व्रत ,कालिका पूजन 


                                                 


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