पीलीभीत के इस स्कूल के बच्चे 13 भाषाओं में बात करते हैं

medhaj news 1 Jan 19 , 06:01:39 Ajab Gajab
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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले का एक ऐसा स्कूल भी है जिसमें पढ़ने वाले बच्चे एक दो नहीं 13 भाषाओं में बात करते हैं। यह अजब-गजब खबर है मरौरी ब्लॉक उच्च प्राथमिक स्कूल कैंच की। इस स्कूल के बच्चे तेलगु, तमिल, मलायलम, संथाली जैसी भाषाओं में अभिवादन करते हैं और आपस में संवाद भी करने लगें हैं। यह उपलब्धि हासिल करने वाला कैंच का यह परिषदीय विद्यालय 1800 बेसिक स्कूल में से इकलौता है। बच्चों के अभिभावक स्कूल प्रभारी और शिक्षकों की सराहना करते हैं।सरकार ने स्कूली बच्चों में भाषा के जरिए एक भारत श्रेष्ठ भारत का भाव जगाने की पहल की है। इसके लिए सरकार ने सभी स्कूलों में भाषा संगम कार्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया था। इस कार्यक्रम के तहत स्कूलों में हर दिन बच्चों को देश में बोली जाने वाली किसी न किसी से रूबरू कराना था। इसके लिए बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए थे और उन्होंने स्कूल के प्रधानाध्यापकों को इस पर अमल करने के लिए निर्देश दिए। यह कार्यक्रम स्कूलों में एक महीने तक चलना था और इसके बाद स्कूलों को बच्चों की फोटो और वीडियो विभागी वेबसाइट पर अपलोड भी करने थे।जिले में यह कारनामा सिर्फ मरौरी ब्लाक के उच्च प्राथमिक स्कूल के इंजार्च प्रधानाध्यापक वैभव जैसवार ही कर सके। उन्होंने अपनी मेहतन से बच्चों को मलिायालम, मराठी, उर्दू, तमिल, तेलगु, सिंधी, पंजाबी, संथाली जैसी 13 भाषाओं का आधारभूत ज्ञान करवा दिया। उन्होंने बच्चों को इन भाषाओं के साथ ही वहां की संस्कृति से भी परिचित कराया।भाषा संगम कार्यक्रम का स्कूल में 21 दिसंबर को समापन हुआ। इस मौके पर बच्चों जिस प्रांत की भाषा सीखी थी वहीं की वेशभूषा में संवाद करके दिखाया। स्कूल में बच्चों का यह कार्यक्रम देखकर बीएसए डा. इन्द्रजीत प्रजापति के साथ ही बच्चों के अभिभावक भी अविभूत हो गए। वैभव जैसवार ने कार्यक्रम के फोटो और वीडियो भी विभागी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। बच्चों को गैर प्रांतों की भाषा सिखाने में स्कूल की शिक्षिका बबीता मित्तल, नौरीन नाज, चांदनी बग्गा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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