High Court का आदेश, बिना तलाक के लिव-इन में रहना अवैध

Medhaj News 26 Feb 20 , 06:01:40 India
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अगर आप शादीशुदा होकर लिव इन रिलेशन में रह रहे हैं, तो आपको संरक्षण का कोई भी हक नहीं है। आपको किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं दी जाएगा। ये फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन बच्चों की मां की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाया। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने शादीशुदा होकर लिव इन रिलेशन में रह रही तीन बच्चों की मां को सुरक्षा व संरक्षण देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बिना तलाक दिए पति या पत्नी से अलग होकर लिव इन रिलेशन में रहने वालों को कोर्ट संरक्षण नहीं दे सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति भारती सप्रू और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने अखिलेश व जितेन्द्र की याचिका पर दिया।





बता दें कि याचिका दाखिल करने वाली महिला अखिलेश की शादी रामपुर के धुलिका धरमपुर के जगतपाल के साथ हुई थी। इनके तीन बच्चे हैं। पति के शराब पीकर मारपीट करने व कमा कर लाने को कहने से आजिज होकर अखिलेश  मुरादाबाद के जितेंद्र के साथ रहने लगी, जो पहले से ही शादीशुदा था। श्रीमती अखिलेश ने कोर्ट को बताया कि वह जितेंद्र के साथ लिव इन रिलेशन में है। उसे धमकाया जा रहा है। वहीं, कोर्ट के पूछने पर जितेंद्र ने बताया कि उसके परिवारवालों ने मर्जी के बिना उसकी शादी कर दी थी। अब वो यानी अखिलेश के साथ रहता है। इसपर कोर्ट ने कहा कि बिना तलाक दिए पति या पत्नी को छोड़कर दूसरे के साथ लिव इन रिलेशन में रहना अवैध है। ऐसे में कोर्ट संरक्षण नहीं दे सकता।


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