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वित्त मंत्री रहते हुए अरुण जेटली के कई अहम फैसलों ने देश का रुख ही बदल दिया

Medhaj News 25 Aug 19 , 06:01:39 Business & Economy
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बीजेपी (BJP) नेता और पूर्व वित्त मंत्री (Finance Minister) अरुण जेटली (Arun Jaitley) अब हमारे बीच नहीं रहे | अरुण जेटली न केवल बीजेपी के कद्दावर नेता थे, बल्कि उनके वित्त मंत्री रहते हुए लिए गए कई अहम फैसलों ने देश का रुख ही बदल दिया | अरुण जेटली को इतिहास बदलने वाला नेता कहा जाए तो शायद गलत नहीं होगा | पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने कार्यकाल में कई बड़े फैसले लिए, जिनकी मांग काफी समय से की जा रही थी | बात चाहे जीएसटी की हो या फिर नोटबंदी जैसे कड़े फैसले लेने की | जब कभी भी जेटली कोई बड़ा कदम उठाते थे तो उसके फायदे और नुकसान के बारे में गहन मंथन करते थे | आइए जानते हैं पूर्व वित्त मंत्री और दिवंगत नेता अरुण जेटली के कार्यकाल में लिए गए उन अहम फैसलों के बारे में जिन्होंने भारत को न्यू इंडिया में किया तब्दील...






  • भारत में कुछ साल पहले तक सेल्स टैक्स और दूसरे टैक्सों को मिलाकर बहुत सारे टैक्स हुआ करते थे | इन सभी टैक्स को मिलाकर एक टैक्स, जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) बनाने का काम अरुण जेटली के कार्यकाल में किया गया | हालांकि इस टैक्स को पूरे देश में लागू करने के लिए सभी राज्यों की रजामंदी की जरूरत थी | अरुण जेटली ने सभी राज्यों को एकमत किया और 1 जुलाई 2017 से पूरे देश में जीएसटी को लागू किया गया |

  • पिछले काफी समय से सैनिक वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे थे | कई सरकारें आईं और चली गईं लेकिन किसी ने भी इसे लागू करने की हिम्मत नहीं दिखाई | इस काम में सबसे बड़ी मुश्किल थी कि उनका वित्तीय पक्ष कैसे व्यवस्थित किया जाए | मोदी सरकार के वित्त मंत्री के रूप में अरुण जेटली ने तब के रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर के साथ मिलकर इसकी योजना तैयार की और जो रास्ता निकाला वह काबिले तारीफ था | वन रैंक वन पेशन की योजना को हरी झंडी दिखाई गई और सैनिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकी |

  • रेल बजट को आम बजट के साथ जोड़कर पेश करना भी आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा बदलाव बना |  रेल बजट को आम बजट से जोड़ने से काफी फायदा हुआ और रेलवे के नुकसान को भरने और उसके लिए नई योजनाओं को तैयार करने में मदद मिली |

  • साल 2014 बीजेपी के सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर गरीब परिवार के पास बैंक खाता होने पर दिलचस्पी दिखाई | वित्त मंत्री के रूप में इस योजना को पूरा करने की ज़िम्मेदारी अरुण जेटली के पास थी | जनधन योजना को विश्व में एक ऐसा बड़ा कार्यक्रम माना जाता है, जिसके माध्यम से डायरेक्ट बेनेफिट सिस्टम को लागू करने में मदद मिली |

  • कालेधन पर लगाम कसने के लिए नोटबंदी सबसे बड़े फैसलों में जाना जाता है | इस फैसले ने हर सेक्टर के लोगों को नाराज किया | बड़े राजनीतिक दल से लेकर व्यावसायिक घरानों तक ने इसका विरोध किया | नोटबंदी के बाद करीब तीन लाख शेल कंपनियों पर कार्रवाई हुई | नोटबंदी की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखना और नए सिर से नए नोट जारी करना आसान काम नहीं था | उस वक्त बहुत से लोगों ने अरुण जेटली की आलोचना की थी | इसके बावजूद लगातार जेटली हर बैंक के अधिकारियों के साथ बैठक करते रहे और कुछ ही दिनों में हालात बेहतर हो गए |


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