छत्तीसगढ़: बलरामपुर कोयला खदान के कामगारों को राहत, खदान नहीं होगी बंद

Medhaj News 10 Nov 17 , 06:01:37 Business & Economy
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कोल इंडिया प्रंबधन ने SECL ( South eastern coal fields limited) सहित कोल इंडिया की विभिन्न अनुषंगी कोयला कंपनियों में लंबे समय से घाटे में चल रही 270 कोयला खदानों को बंद करने का निर्णय लिया।

बलरामपुर खदान होगी चालू

इसी निर्णय में कई वर्षों से घाटे में चल रही SECL बिश्रामपुर क्षेत्र की बलरामपुर खदान को बंद करने का निर्देश दे दिए गए थे। क्योंकि पिछले 3 साल में यह खदान 200करोड़ रूपये से अधिक घाटे में चल रही है। लेकिन इसी बीच कंपनी मुख्यालय से खदान को चालू करने के निर्देश दिए गए है। जिससे परियोजना को पुन: एक बार संजीवनी मिल गई है। इस खदान को चालू रखने की खबर से खदान के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। कर्मचारियों के अनुसार, हमने इस खदान को चालू रखने के लिए काफी प्रयास किया था। हमारा प्रयास सफल रहा। इसी के साथ बलरामपुर खदान को सुचारू रूप से चलाने के लिए SECL मुख्यालय ने प्रबंधन को डेढ़ लाख टन का उत्पादन लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। साथ ही इस खदान के लिए 2 नई LHD मशीनें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि प्रबंधन ने इस संबंध में फिलहाल अधिकारिक रूप से जानकारी नहीं दी है।

एशिया की पहली खदान है बलरामपुर खदान

बता दें कि बलरामपुर खदान भारत ही नही एशिया की पहली खदान है। बीते 27 वर्षों में इस खदान से 90 लाख टन से अधिक कोयले का उत्पादन किया जा चुका है।

 

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