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सरकार ने एअर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का प्लान पेश किया

Medhaj News 27 Jan 20 , 06:01:40 Business & Economy
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सरकार ने एअर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का प्लान पेश कर दिया है | इसके मुताबिक एअर इंडिया एक्सप्रेस की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी | तमाम विरोध के बावजूद सरकार एअर इंडिया को बेचने के लिए प्रतिबद्ध है | सरकार ने सोमवार को इस बारे में प्रारंभ‍िक जानकारी वाला मेमोरंडम जारी कर दिया | सरकार ने एअर इंडिया के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (EoI) यानी अभ‍िरुचि दिखाने के लिए 17 मार्च तक की डेडलाइन जारी की है | न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि एअर इंडिया के लिए संभावित बिडर्स में टाटा समूह, हिंदुजा, इंडिगो, स्पाइसजेट और कई निजी इक्विटी कंपनियां शामिल हैं | एअर इंडिया की नीलामी में शामिल होने के लिए कई विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों से साझेदारी कर सकती हैं | सूत्रों का कहना है कि एअर इंडिया की हालत खस्ता होने के बावजूद उसे खरीदने में कंपनियां इसलिए रुचि दिखा रही हैं, क्योंकि उसके पास व्यापक घरेलू औरअंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, ट्रैफिक राइट और लंदन, दुबई जैसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट पर स्लॉट हैं | उसके पास बड़ा टेक्निकल मैनपावर और फ्लीट भी है |





तमाम कोशिशों के बाद बचाने में नाकामयाब रहने के कारण सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश का फैसला किया था और अब वह वक्त नजदीक आ गया है। महाराजा के लिए बोली मंगाई गई है और बोली जमा करने की आखिरी तारीख 17 मार्च है। अश्विनी लोहानी वर्तमान में एयर इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) हैं। फरवरी 2019 में उन्हें इस मकसद से एयर इंडिया में वापस लाया गया था कि वह डूब रही एयर इंडिया का बेड़ा पार लगाएंगे, लेकिन वह असफल रहे। एयर इंडिया पर करीब 80 हजार करोड़ का कर्ज है। वित्त वर्ष 2018-19 में एयर इंडिया को 8,556 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। 7 जनवरी को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बने एक मंत्री समूह (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) ने निजीकरण से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस में 100 पर्सेंट शेयर सरकार के पास ही हैं।


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