Headline

सरकार के सामने अब टैक्स चोरी को लगाम लगाने की कड़ी चुनौती

Medhaj News 10 Feb 19 , 06:01:39 Business & Economy
default_main.jpeg

बैंकों के गंदे कर्ज की समस्या से जूझ रही केन्द्र सरकार के सामने अब टैक्स चोरी को लगाम लगाने की कड़ी चुनौती है | हाल में जारी अंतरिम बजट दस्तावेजों के मुताबिक केन्द्र सरकार लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का टैक्स वसूलने में विफल रही है | केन्द्र सरकार इस बकाए टैक्स की वसूली करने में सफल हो जाती तो महज इस राजस्व से वह स्वास्थ से लेकर सबके लिए घऱ की योजना समेत कुल 99 मंत्रालयों की सात सौ से अधिक योजनाओं को चलाने का पूरा पैसा एकत्र कर लेती | कुल 9 लाख करोड़ रुपये के टैक्स बकाए में कॉरपोरेट टैक्स का हिस्सा 52 फीसदी यानी 4.7 लाख करोड़ रुपये है | कुल बकाए में इनकम टैक्स चोरी का 29 फीसदी अथवा 2.6 लाख करोड़ रुपये है |





वहीं बजट दस्तावेजों में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स की चोरी को शामिल नहीं किया गया है जबकि केन्द्र के राजस्व इनडायरेक्ट टैक्स का सबसे बड़ा हिस्सा जीएसटी से आता है | टैक्स वसूलने में केन्द्र सरकार की विफलता का सबसे बड़ा कारण न्यायिक विवाद है | लगभग 7.7 लाख करोड़ रुपये के टैक्स की रकम की अलग-अलग विवादों के चलते रिकवरी नहीं हो रही है | वहीं 1.08 लाख करोड़ रुपये की टैक्स चौरी को गैर-विवाद श्रेणी में रखा गया है | टैक्स बकाए की रिकवरी को तभी टाला जा सकता है जब अदालतों से टैक्स रिकवरी को फैसले तक रोकने का फैसला आ जाता है | यदि अदालतों से टैक्स रिकवरी नहीं रोकी जाती है तो जीएसटी से पूर्व और मौजूदा जीएसटी कानून में टैक्स रिकवरी के पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं |


    Comments

    Leave a comment


    Similar Post You May Like