पेट्रोलियम मंत्रालय की योजना में PM मोदी करें हस्तक्षेप, नहीं तो हो सकता है नुकसान: ONGC

Medhaj News 28 Nov 17 , 06:01:37 Business & Economy
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ONGC के अधिकारियों के संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है, कि वह पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा ONGC (Oil and natural gas corporation Limited) के गैस और तेल फील्ड बेचे जाने के मामले में हस्तक्षेप करें, क्योंकि पेट्रोलियम मंत्रालय का यह कदम देश के लिए नुकसानदायक होगा।

यह है पूरा मामला-

पेट्रोलियम मंत्रालय ने ONGC और ऑइल इंडिया लिमिटेड के 15 उत्पादक तेल एवं गैस फील्ड की पहचान की है, जिसे उत्पादन बढ़ाने के लिए निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा। इन क्षेत्रों में 79.12 करोड़ टन कच्चे तेल और 333.46 अरब घन मीटर गैस का भंडार अनुमानित है।

ASTO के अधिकारी ने मोदी को लिखा पत्र

ASTO (Association of Scientific and technical officers) के अध्यक्ष संजय गोयल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा कि ONGC का अधिकतर तेल एवं गैस क्षेत्रों से 30 साल से उत्पादन जारी है और उच्च स्तर से उत्पादन घटा है लेकिन अभी भी घरेलू उत्पादन में इसकी अच्छी-खासी हिस्सेदारी है।

गोयल जी ने ONGC के मौजूदा तेल-गैस क्षेत्रों को निजी कंपनियों को सौंपे जाने की मामले में प्रधानमंत्री से निजी तौर पर हस्तक्षेप का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, कि यह न केवल देश के लिए नुकसानदायक होगा बल्कि इससे कर्मचारियों के मनोबल पर भी असर पड़ेगा जो देश हित में काम करने के लिये प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, कि ONGC नई प्रौद्योगिकी में भारी निवेश कर रही है और पुराने फील्डों से उत्पादन बढ़ाने के लिये काफी काम कर रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले 1990 के दशक में पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र के पन्ना-मुक्ता और रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डी6 क्षेत्र को निजी हाथों में सौंप दिया गया था। उसके बाद भी उत्पादन में गिरावट देखी गई थी।

 

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