OVL ने बनाई योजना, रूस के वानकोर तेल क्षेत्र में 49% खरीदेगी हिस्सा

Medhaj News 9 Nov 17 , 06:01:37 Business & Economy
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रूस की रोसनेफ्ट स्वामित्व वाली वानकोर क्लस्टर फील्ड में ONGC विदेश ( Oil and natural gas corp. Ltd.)  OVL ( ONGC Videsh Ltd.) की अगुआई में भारतीय कंपनियों का एक समूह 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदने की योजना बना रहा है।

ये भारतीय कंपनी होगी साझेदार

सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी ओवीएल इसमें 26 फीसदी हिस्सेदारी ले सकती है, जबकि IOC ( Indian oil corporation),OIL ( Oil india ltd.) , HPCL (Hindustan petroleum corp. Ltd.), और BPRL (Bharat petro resources Ltd.) भी इस क्लस्टर फील्ड में साझेदार होगी।

रूस के तेल क्षेत्र में कंपनियों की हिस्सेदारी

इस ब्लॉक में रोसनेफ्ट की 50.1 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके बाद IOC, OIL और BPRL ने पूर्वी साइबेरिया के तास-युरयाख तेल क्षेत्र में 1.12 अरब डॉलर में 29.9 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। इस तरह रूस के तेल गैस क्षेत्र में भारतीय कंपनियों का कुल निवेश पिछले साल 5.46 अरब डॉलर रहा। वानकोर में करीब 4.42 लाख बैरल प्रतिदिन तेल का उत्पादन होता है, जबकि तास में 21,000 बैरल प्रतिदिन का उत्पादन होता है। 2016-17 में ONGC का उत्पादन रिकॉर्ड 43 फीसदी बढ़कर 1.28 करोड़ टन तेल के समतुल्य रहा, जो 2015-16 में 89.2 लाख टन था।

 

वानकोर में हिस्सेदारी से बढ़ेगा उत्पादन

ONGC ने कहा है कि हमारे उत्पादन में वृद्धि मुख्य रूप से वानकोर में 26 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण से हुई है। इससे ONGC उम्मीद कर रहा हैं कि वित्त वर्ष 2018 में हमारे कुल उत्पादन में वानकोर का योगदान करीब 79 फीसदी होगा। ओएनजीसी के वानकोर में करीब 2 अरब डॉलर के निवेश से 26 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। अधिग्रहण की लागत 3.5 डॉलर प्रति बैरल से कम रही, जिससे यह OVL के लिए आर्थिक लिहाज से भी यह सौदा ठीक रहेगा।

 

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