बिहार: पटना हाईकोर्ट ने दिया राज्य सरकार को झटका, बालू- पत्थर की नई नियमावली पर लगाई रोक

Medhaj News 28 Nov 17 , 06:01:37 Business & Economy
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पटना हाईकोर्ट ने सरकार की अवैध खनन को रोकने के लिए बनाई गई नई नियमावली पर रोक लगा दी है। सरकार की इस नई नियमावली को लेकर कारोबारियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी और कहा कि सरकार ने जल्दबाजी में यह नियमावली बनाई है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि अवैध खनन की कार्रवाई कानूनन खननकर्ता पर होती है लेकिन इस नियमावली में ट्रांसपोर्टर को भी लपेटा जा रहा है। इससे बालू कारोबारियों समेत आमजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  

हाईकोर्ट ने लगाई रोक-

सोमवार को मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश डॉ.अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने उक्त नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि जनता की परेशानी का आंकलन किए बिना सरकार ने नई नियमावली लागू कर दी है और अब सुनवाई के लिए शीघ्र ही तिथि तय की जाएगी। फिलहाल सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस नियमावली पर रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट के फैसले से याचिकाकर्ताओं को मिली राहत-

राज्य सरकार ने 1 दिसम्बर से नई नियमावली को प्रभावी करने का निर्देश दे रखा है, लेकिन इसके पहले ही हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगा दी। इससे लघु खनिज का उत्खनन करने वालों और इसके ट्रांसपोर्टर्स को बड़ी राहत मिली है।

नियमावली में ये थे प्रावधान

-           निगम द्वारा उत्खनित बालू, पत्थर या स्टोन चिप्स की खुदरा बिक्री ऐसे लोगों द्वारा की जाएगी जिन्हें राज्य सरकार द्वारा लाइसेंस दिया गया है।

-           उत्खनित बालू, पत्थर या स्टोन चिप्स की ढुलाई करने वाले वाहनों में GPS अनिवार्य कर दिया गया है।

-           बिना GPS लगे वाहनों से लघु खनिज ढोते पकड़े जाने पर 5 लाख जुर्माना व 5 साल की सजा।

-           माल ढुलाई के दौरान रास्ते में ट्रक खराब होने पर उसे दूसरे वाहन पर नहीं लादा जा सकेगा।

-           बालू-पत्थर का उत्खनन करने वाले इसकी सीधी बिक्री नही कर सकेंगे।

-           वे उत्खनित बालू, पत्थर या स्टोन चिप्स को बिहार राज्य खनिज विकास निगम को बेचेंगे।

 

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