चुनाव आयोग ने होने वाले त्रिपुरा ,मेघालय, नगालैंड चुनाव की घोषित करी तारीखें

medhaj news 20 Feb 18,21:37:24 Election
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इन तीनों राज्यों के विधानसभा चुनावों में वीवीपैट का इस्तेमाल होगा। चुनाव आयोग के मुताबिक हर विधानसभा सीट के एक पोलिंग स्टेशन पर वीवीपैट से वोटिंग होगी और स्लिप की काउंटिंग की जाएगी। चुनाव आयोग की इस घोषणा के साथ ही तीनों राज्यों में चुनावी आचार संहिता लागू हो गई है। इस बार इन तीनों राज्यों में विधानसभा चुनावों की रोचक तस्वीर देखने को मिल रही है|

त्रिपुरा : बीजेपी की सबसे बड़ी चुनौती त्रिपुरा में ही है। पिछले दो दशक से माणिक सरकार के नेतृत्व में सीपीएम यहां की सत्ता पर काबिज है। 60 सीटों वाले त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपने पूरे दम-खम से उतर रही है। 2013 के विधानसभा चुनावों में यहां सीपीएम को 49 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि कांग्रेस के खाते में 10 सीटें आई थीं। सीपीएम के उभार ने त्रिपुरा में कांग्रेस को हाशिए पर धकेल दिया है। हालांकि इस बार राजनीति थोड़ी बदली है। ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि किसी राज्य में कम्युनिस्ट पार्टी और बीजेपी में सीधी टक्कर हो रही है। 

नागालैंड : नगालैंड विधानसभा में भी 60 सीटें हैं| बीजेपी के सामने चुनौती है कि नागालैंड में एनडीए की सत्ता बनी रहे। बिहार और केंद्र में बीजेपी की सहयोगी जेडीयू ने नगालैंड में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। फिलहाल नगालैंड के सत्तारूढ़ गठबंधन में जेडीयू भी शामिल है। बीजेपी ने नगालैंड के लिए गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू को चुनाव प्रभारी बनाया है|

मेघालय : 2014 में मोदी के नेतृत्व में बीजेपी के उभार ने कांग्रेस को देश की राजनीति में काफी सिमटा दिया है। फिलहाल केवल पांच राज्यों में कांग्रेस की सरकार है। इसमें एक मेघालय भी है। कांग्रेस की असल चिंता इस बार किसी भी तरह मेघालय में सरकार को बचाने की है। हालांकि बीजेपी ने यहां भी कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगा दी है। दिसंबर में कांग्रेस के एक सहित 4 विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। 2013 में मेघालय विधानसभा चुनावों की 60 सीटों में से कांग्रेस को 29 सीटें मिलीं थीं|

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