गुजरात चुनाव:मुश्किल हो सकता है कांग्रेस के लिए चुनाव का अंतिम चरण

medhaj news 13 Dec 17,15:55:19 Election
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देश में गुजरात चुनाव की लहर चारों ओर फैली है ,गुजरात चुनाव अपने दुसरे चरण में आ गया है |  दूसरे और अंतिम चरण में गुरुवार को 92 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। कांग्रेस  के लिए यह चरण काफी मुश्किलों वाला है क्योंकि पार्टी विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन के बोझ तले दबी हुई है , कम से कम एक दर्जन सीटों पर बागी उम्मीदवारों और बीजेपी  की उसके आदिवासी वोटबैंक पर  चुनौतियों से जूझ रही है। पहले चरण को लेकर कांग्रेस आश्वस्त दिख रही थी, लेकिन दूसरे चरण में उसके लिए राह आसान नहीं है।

गठबंधन का बोझ 
कांग्रेस के अंदर यह माना जा रहा है कि पार्टी मोलभाव करने में अच्छी नहीं है और इस वजह से उसने कई दलों के साथ गठबंधन के लिए बड़ी कीमत चुकाई है। इससे कांग्रेस की अपनी सीटें कम हो सकती हैं। छोटूभाई वसावा की भारतीय ट्राइबल पार्टी को सात सीटें दिए जाने से यह सवाल उठ रहा है कि जेडी (यू) से अलग हुए धड़े को इतनी सीटें देने की क्या जरूरत थी। सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत में शामिल रहे एक नेता ने कहा, 'हम बेहतर मोलभाव कर सकते थे। वसावा का प्रभाव है लेकिन अपने इलाके से बाहर नहीं। उन्हें सात सीटें देने की कोई जरूरत नहीं थी।'

दूसरे चरण में बढ़ सकता है मत प्रतिशत
गुजरात में पहले चरण में मतदान का प्रतिशत (लगभग 68 प्रतिशत) पिछली बार की तुलना में थोड़ा कम जरूर रहा लेकिन दूसरे चरण के मतदान के बाद यह आंकड़ा ऊपर जा सकता है। 182 में से 89, यानी लगभग 50 प्रतिशत सीटों के लिए ही मतदान हुआ है और उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में लिखी जा चुकी है|

दूसरे चरण के चुनाव में हाॢदक उत्तरी गुजरात में बीजेपी को नुकसान पहुंचाने और कांग्रेस को आगे ले जाने की स्थिति में हैं, यह बात खासतौर पर मेहसाणा इलाके के बारे में कही जा सकती है। लेकिन ऐसा होने पर एक सीमा तक दूसरी जातियों के मतदाता बीजेपी की तरफ गोलबंद होंगे जबकि पिछले चुनाव में वे बीजेपी के लिए ज्यादा मददगार साबित नहीं हुए थे। मध्य गुजरात में 61 सीटें हैं।

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