एक हॉस्पिटल, जहां इलाज फ्री, रहना और खाना-पीना भी फ्री….,पूरे देश से पहुंच रहे हैं मरीज

medhaj news 21 May 18,18:00:33 Entertainment
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एक हॉस्पिटल, जहां इलाज, रहना और खाना-पीना सब फ्री। एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।चंडीगढ़ सेक्टर-18 में गुरु के लंगर नाम से चलाए जा रहे आंखों का हॉस्पिटल चर्चा में है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब सेवा सोसायटी की ओर से चलाए जा रहे इस हॉस्पिटल में न सिर्फ मोतियाबिंद के बल्कि रेटिना के आपरेशन मुफ्त में किए जाने का दावा किया गया है। हॉस्पिटल के मुताबिक उनके यहां रोजाना मोतियाबिंद के 25 ऑपरेशन मुफ्त में किए जा रहे हैं।यही नहीं, दूरदराज से आने वाले जरूरतमंद को आने-जाने का किराया और ठहरने की व्यवस्था का इंतजाम किया जा रहा है। रेटिना के आपरेशन की भी शुरुआत हो गई। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने रेटिना ब्लॉक का उद्घाटन किया। यह हॉस्पिटल सेक्टर-18 बी न्यू पब्लिक स्कूल के सामने स्थित है।

रेटिना के इलाज का खर्च 50 हजार, मगर होगा मुफ्त
गुरु के लंगर से चलाए जा रहे आंखों के हॉस्पिटल में रेटिना से संबंधित बीमारियों का इलाज बिल्कुल मुफ्त किया जाएगा। किसी दूसरे हॉस्पिटल में इसके इलाज का खर्च करीब 50 हजार रुपये तक आता है। बताया गया है कि रेटिना की सर्जरी के लिए यूएसए के डॉक्टर हरविंदर जीत सिंह ने 70 लाख रुपये की मशीन डोनेट की है। 30 लाख रुपये की रेटिना माइक्रोस्कोप मशीन भी आई है। 24 घंटे निशुल्क एंबुलेंस सुविधा भी मौजूद है।

रोजाना एक हजार लोगों को मुफ्त लंगर
ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि गुरु के लंगर में रोजाना 500 मरीजों की ओपीडी होती है, उनके साथ अटेंडेंट भी आते हैं, ऐसे में उन सभी के लिए खान-पान की व्यवस्था भी की जाती है। दोपहर एक बजे करीब 800 से एक हजार लोगों के लिए लंगर का इंतजाम किया जाता है। आंखों के आपरेशन के बाद मरीजों को पीजीआई की इंफोसिस-रोटरी सराय में ठहराया जा रहा है। यह सराय एयरकंडीशनर है।

पूरे देश से पहुंच रहे हैं मरीज
गुरु के लंगर का मैसेज पूरे देश में फैला हुआ है। जम्मू-कश्मीर से लेकर भोपाल के मरीज सेक्टर-18 पहुंच रहे हैं। गुरु के लंगर का एक वीडियो पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया में वायरल है। उसके बाद लोग चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। मरीजों को यहां आने पर पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उसके बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू होती है। स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने आंखों के लिए लगाए गए इस संस्था  की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मेरे जीवन का एक अनूठा अनुभव है और उन्हें इस बात की बहुत खुशी है कि यह संस्था मरीजों की आंखों का इलाज ही नहीं बल्कि उनके खाने पीने और रहने का इंतजाम भी बिल्कुल मुफ्त करते हैं।

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