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आज १२ फ़रवरी को सदी के महान खलनायक प्राण का जन्मदिन

medhaj news 12 Feb 18,20:17:01 Entertainment
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प्राण बॉलीवुड के एक ऐसे एक्टर थे जिन्हें निगेटिव रोल के बावजूद दर्शकों ने बहेद पसंद किया। उनका जन्म 12 फरवरी (1920) को एक पंजाबी परिवार में हुआ था। वह एक्टर बनने से पहले एक फोटोग्राफर बनना चाहते थे। आजादी के पहले वह बतौर फोटोग्राफर काम करते थे। लेकिन कहते हैं कि किस्मत को कुछ और ही मंजूर था उनकी सूरत डायरेक्टर को ज्यादा पसंद आ गयी और वो कैमरे के आगे आ गये | 1940 में आई  पंजाबी फिल्म यमला जट से उनके करियर की शुरुआत हुई। बुलंद आवाज ,अंदाज और तेवर के मालिक  प्राण ने पहली ही फिल्म से सबको दीवाना कर दिया। जब तक लाहौर में उन्होने काम किया उन्हें ज्यादातर नकारात्मक किरदार ही मिलते थे लेकिन पहली बार दलसुख पंचोली ने हिंदी फिल्म खानदान में बतौर नायक मौका दिया | इस फिल्म में उस दौर की मशहूर अदाकारा और गायिका नूरजहाँ उनके संग नायिका बनी थीं।



कहते हैं फ़िल्म 'मेरा नाम जोकर' बनाने के लिए राजकपूर अपना सारा पैसा लगा चुके थे और यह फ़िल्म टिकट खिड़की पर बुरी तरह असफल रही जिसके बाद राजकपूर भयंकर आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। ऐसे में जब उन्होंने 'बॉबी' फिल्म शुरू की तो उनके पास ज्यादा पैसे नहीं थे। ऐसे में प्राण ने राजकपूर के लिए इस फ़िल्म में महज एक रूपये में काम करना स्वीकार किया।



इसके बाद प्राण को फिल्म 'बॉम्बे टॉकिज' में एक छोटा सा किरदार निभाने का मौका मिला था और इसके बाद एक बार फिर प्राण का दौर लौट आया | इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया. एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होंने अपनी फिल्म 'बेइमान' के लिए बेस्ट सपोर्टिग का फ़िल्मफेयर अवार्ड लौटा दिया था और इसका कारण यह था कि फिल्मफेयर ने उस साल रिलीज हुई फिल्म 'पाकीजा' को एक भी अवॉर्ड नहीं दिया था, जिसकी वजह से प्राण काफी नाराज थे | अभिनेता और डायरेक्टर मनोज कुमार ने प्राण के अभिनय के कुछ और रंगों से हमें परिचित कराया | उन्होंने ही प्राण को विलेन के रोल से निकालकर पहली बार 'उपकार' में अलग तरह के किरदार निभाने का मौका दिया था | उसके बाद प्राण कई फ़िल्मों में सहायक अभिनेता के रूप में उभर कर सामने आए |



                                     



 


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