FASHION:अब रोबोट्स बताएंगे आप पर कौन सी ड्रेस सबसे ज्यादा जंचेगी

Medhaj news 13 Sep 18,20:46:02 Fashion
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अगर किसी पार्टी या फंक्शन के लिए तैयार होते वक्त आप तय नहीं कर पा रहे हैं कि आपको क्या पहनना चाहिए तो ये काम जापान के ‘पर्सनल स्टाइलिस्ट्स रोबोट्स’ कर सकते हैं। ये रोबोट स्टाइलिस्ट्स इंसानों की फैशन दुविधाओं को दूर करने के मकसद से ट्रेंड किए गए हैं। ऐसा ही एक स्टोर है ‘यूनीक्लो’। यह न्यूयॉर्क स्थित एक जापानी फास्ट फैशन चेन है। यहां उपलब्ध रोबोट्स आपकी बताई जानकारी के आधार पर कपड़ों और फैशन के सुझाव देते हैं।

जब भी कोई ग्राहक इनकी सेवाएं लेने आता है तो यह रोबोट अपने सॉफ्टवेयर एल्गोरिद्म का उपयोग कर उसे उसकी रुचियों के आधार पर सबसे बढिय़ा ड्रैस चुनने में मदद करता है। साथ ही रोबोट ग्राहक को यह भी बताता है कि इस ड्रैस को पहनने के बाद वे आज कितने सफल रहेंगे। यह तकनीक सालों की मेहनत का नतीजा है जो खास कम्प्यूटर एल्गोरिद्म के जरिए फैशन के संबंध में हमारी जिज्ञासाओं को शांत करता है।ज्यादातर कस्टमर अपने फैशन को लेकर बहुत ज्यादा निजता बरतते हैं। ३ खरब डॉलर के इस वैश्विक फैशन उद्योग में रिटेलर्स की प्रतिस्पर्धा ने इनामोटो जैसे लोगों को बेहतर एलगोरिद्म और कस्टमाइज्ड रोबोट्स की सुलभता दी है। ऑनलाइन फैशन सर्विस ‘स्टिच फिक्स’ ने साढ़े तीन हजार से ज्यादा छोटे स्टाइलिस्ट्स को एक बैनर तले एकत्र किया है। ये पूर्णकालिक फैशन स्टाइलिस्ट्स नहीं है लेकिन इन्हें इसकी समझ है।खरीदारी के आंकड़ों, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और लोगों की अपनी पसंद के मेल से ये लोग कस्टमर को उनकी पसंद का स्टाइल और फैशन चुनने में मदद करते हैं। उन्हें एक घण्टे की सेवाओं के बदले १५ डॉलर तक का भुगतान किया जाता है। अमेजन ने भी ऐसे दर्जनों फैशन डिजाइनर्स, रिटेल कर्मचारी और फोटोग्राफर्स को काम पर रखा है ताकि वो भी अपने सॉफ्टवेयर को लोगों तक पहुंचा सके। अमेजन की रिसर्च टीम ने भी ऐसा ही एक सॉफ्टवेयर विकसित किया है।

हालांकि फैशन उद्योग में हर कोई इससे सहमत नहीं है। आलोचकों का कहना है कि किसी स्थापित स्टाइलिस्ट्स या फैशन डिजाइनर के साथ काम करना अलग बात है। लेकिन रोबोट्स के सुझाव हर बार बेहतरीन हो ये जरूरी नहीं। ये इंसानों की तरह किसी के फैशन टेस्ट, उसकी लाइफ स्टाइल या सामाजिक रुचियों को नहीं समझते। एक स्टाइलिस्ट के साथ उसके कस्टमर का निजी रिश्ता होता है। वो उसके अंतर्मन को उससे भी ज्यादा समझता है।


अमेजन में उनके फैशन सॉफ्टवेयर को ट्रेंड करने वाली सटाइलिस्ट एल्डर का कहना है कि किसी मशीन को सिखाना ठीक वैसा ही है जैसे किसी छोटे बच्चे को सिखाना। मशीन बहुत पुनारावृत्तियों के बाद सीखती है। किसी भी कस्टमर के दिए इनपुट के आधार पर बनने वाले कपड़ों के कॉम्बिनेशन के बारे में वो बहुत ज्यादा नहीं सोचती थीं। लेकिन मन ही मन वो इस बात से हमेशा सचेत रहती थीं कि उनके इस व्यवहार का उस मशीन के सॉफ्टवेयर पर क्या असर पड़ रहा है। क्योंकि वो उससे ही तो सीख रहा है। दरअसल अमेजन यह सोच रहा था कि बहुत सारे अलग-अलग पसंद के स्टाइलिस्ट्स की भर्ती करने से वो एक मास्टर स्टाइलिस्ट सॉफ्टवेयर बनाने में सफल हो जाएंगे जिसके फैशन संबंधी सुझाव वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य होंगे। एल्डर का कहना था कि इस काम को करते हुए उन्हें उतनी रचनात्मक आजादी नहीं मिली जितनी की उन्होंने उम्मीद की थी।

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रोबोट्स को प्रशिक्षित करने वाली स्टाइलिस्ट का कहना था कि इन्हें प्रशिक्षित करने के दौरान मुझे एहसास हुआ कि यह तकनीक भविष्य में काफी रोचक साबित होगी। लेकिन इसने ये भी सिखाया कि मुझे अपने हाथों से ज्यादा काम करना चाहिए।

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