बड़ी खुशखबरी सिम के लिए जरूरी नहीं आधार, इन डॉक्यूमेंट से भी ले पाएंगे सिम

Medhaj news 2 May 18 , 06:01:38 Governance
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मोबाइल यूजर्स के लिए अच्छी खबर है। खासतौर पर उनके लिए जो आधार कार्ड के​​ बिना सिम कार्ड लेने के लिए संघर्ष कर रहे थे। सरकार ने टेलीकॉम आॅपरेटर्स को निर्देश दिए कि वह सिम कार्ड जारी करने के लिए पहचान के दूसरे विकल्प जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और वोटर आईडी कार्ड भी स्वीकार करें। टेलीकॉम आॅपरेटर्स को ये निर्देश तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को असुविधा न हो। ये बातें दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदराराजन ने कहीं।
अब इन दस्‍तावेजों से मिलेगा सिम कार्ड
दूरसंचार विभाग ने ये कदम इसलिए उठाया क्योंकि कुछ लोगों ने सिम कार्ड लेने के लिए आधार कार्ड देने से इंकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में पहले ही ये साफ कर चुका है कि सिम कार्ड लेने के लिए आधार जरूरी शर्त नहीं हैै, जब तक इसमें अंतिम फैसला न आ जाए। दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदराराजन ने कहा कि मंत्रालय ने दूरसंचार कंपनियों के जारी ​निर्देशों में कहा है कि वे उन लोगों को भी सिम कार्ड जारी करने से इंकार नहीं करेंगी जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। कंपनियां उनसे केवाईसी के दूसरे फॉर्म भरवा सकती हैं। अब जिन पहचान पत्रों से सिम कार्ड मिलेगा उनमें ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड शामिल हैं।
आधार पर ही सिम दे रही थीं कंपनियां
टाइम्‍स ऑफ इंडिया में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए सरकार ने यह निर्देश जारी किया है। खबर में बताया गया था कि दूरसंचार कंपनियां बिना आधार के सिम कार्ड नहीं जारी कर रही हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का स्‍पष्‍ट निर्देश है कि आधार सिम कार्ड जारी करने के लिए जरूरी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में आधार की वैधता को लेकर सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने कहा है कि जब तक फाइनल डिसीजन न आ जाए तब तक आधार को अनिवार्य करने के लिए किसी को बाध्‍य नहीं किया जा सकता। दूरसंचार मंत्रालय ने निर्देश में कहा कि कोई दूरसंचार कंपनी आधार नंबर न होने पर किसी ग्राहक को सिम देने से मना नहीं कर सकती. हालांकि कंपनियां सरकार के पुराने का आदेश का पालन कर रही हैं जिसमें कहा गया था कि आधार सत्‍यापन के बिना किसी को सिम न जारी किया जाए. मंत्रालय ने साफ किया कि नए दिशा-निर्देश सुप्रीम कोर्ट के आधार की अनिवार्यता पर अंतरिम फैसले के बाद जारी किए गए हैं। लोकनीति फाउंडेशन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि आधार सभी सेवाओं के लिए अनिवार्य दस्‍तावेज नहीं है।
क्‍या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से आधार लिंक करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि जब तक बैंक खाते और मोबाइल सिम को आधार से लिंक करने के मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है तब तक आधार लिंक करने की समय सीमा को बढ़ाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने विभिन्न योजनाओं को आधार से जोड़ने की 31 मार्च की अंतिम तिथि को संविधान पीठ का फैसला आने तक बढ़ा दिया है।
इन योजनाओं के लिए आधार जरूरी
सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ का नेतृत्व करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि सरकार आधार को जरूरी करने के लिए दवाब नहीं डाल सकती। यानी इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी होने और फैसला आने तक आधार की अनिवार्यता नहीं होगी। फिलहाल सिर्फ सब्सिडी और सर्विसेज यानी सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के ही लिए आधार की अनिवार्यता रहेगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से आधार लिंक करने की डेडलाइन पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि डेडलाइन बढ़ाने के कारण वित्त वर्ष के अंत में देशवासियों के बीच भ्रम की स्थिति बनेगी। अदालत ने कहा था कि बैंकों और अन्य संस्थानों में भ्रम की स्थिति पैदा न हो इसके लिए केंद्र को आधार लिंक करने की अंतिम तिथि स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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