रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, दूसरी पत्नी के बच्चों को भी मिलेगी नौकरी

Medhaj news 16 Jun 18 , 06:01:38 Governance
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि कर्मचारी की दूसरी पत्नी का पुत्र वैध संतान है और उसे मृतक आश्रित कोटे के तहत अनुकंपा नियुक्ति पाने का अधिकार है। कोर्ट ने पुलिस स्थापना बोर्ड को निर्देश दिया है कि याची की नियुक्ति पर पुराने नियम ( 2015 से पूर्व) के तहत विचार का निर्णय लिया जाए। मैनपुरी के आलोक कुमार की याचिका पर जस्टिस आरएसआर मौर्य ने सुनवाई की।  
याची की ओर से कहा गया उसके पिता पुलिस कांस्टेबल थे। 4 जनवरी 2010 को उनकी मृत्यु हो गई उनकी पत्नी मालती देवी और दूसरी पत्नी साधना देवी हैं। याची साधना देवी का बेटा है। सभी एक साथ रहते हैं और उसके आवेदन पर परिवार के किसी भी व्यक्ति को आपत्ति नहीं है। उसने मृतक आश्रित + कोटे के तहत नियुक्ति हेतु प्रत्यावेदन दिया था लेकिन विभाग ने दूसरी पत्नी के अवैध होने के कारण उसकी संतान को नियुक्ति देने से इंकार कर दिया। जबकि मद्रास हाई कोर्ट ने यूनियन ऑफ इंडिया बनाम करुमबाई केस में कहा है कि दूसरी पत्नी की संतान को वैध माना है। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने भी सत्यापित कर दिया है।
याची का प्रत्यावेदन लंबित रहने के दौरान प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश सब इंस्पेक्टर एवं इंस्पेक्टर सर्विस रूल्स 2015 लागू कर दिया। इसमें अनुकंपा नियुक्ति को सीमित कर दिया गया है लेकिन याची ने नई नियमावली लागू होने से पहले प्रत्यावेदन दिया था इसलिए विक्रांत तोमर केस में हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा दिए गए आदेश के तहत उसे पुराने नियम से नियुक्ति पाने का अधिकार है।

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