कर्नाटक पेंच: सुप्रीम कोर्ट लाइव

Medhaj news 18 May 18 , 06:01:38 Governance
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 कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने की वजह से पूरा सियासी गणित बदल गया है। जिस तरह से भाजपा ने प्रदेश में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को दरकिनार करते हुए सरकार का गठन किया उसके बाद यह मामला अब कोर्ट में है। इस बीच कांग्रेस और जेडीएस के विधायक बेंगलुरू से सीधे हैदराबाद पहुंच गए हैं।

कर्नाटक मामले पर सुप्रीम कोर्ट लाइव

  • मुकुल रोहतगी ने कहा भाजपा कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी
  • रोहतगी ने कहा नंबर दो और तीन की पार्टियां भाजपा से बहुत पीछे
  • दोनों पार्टियों (कांग्रेस और जेडीएस) ने चुनाव के बाद गठबंधन किया : रोहतगी
  • जस्टिस सीकरी: किस आधार पर भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया
  • जस्टिस सीकरी: जनादेश सबसे महत्वपूर्ण है
  • कल बहुमत परीक्षण का प्रस्ताव दे सकते हैं? : SC
  • बेहतर होगा कि कल बहुमत परीक्षण हो : SC
  • हम राजनीति लड़ाई में नहीं पड़ रहे हैं : जस्टिस सीकरी
  • विधानसभा में ही आखिरी फैसले होना चाहिए : जस्टिस बोबडे
  • जिसे न्योता मिला वो बहुमत साबित करे : जस्टिस बोबडे
  • कर्नाटक मामले पर जस्टिस सीकरी के दो सुझाव, पहला: 24 घंटे के भीतर बहुमत साबित करें और दूसरा शपथ ग्रहण की समीक्षा हो।

सिंघवी की दलील

  • नतीजे घोषित होने से पहले ही येद्दयुरप्पा का दावा : सिंघवी
  • राज्यपाल भाजपा को कैसे मौका दे सकते हैं?
  • कांग्रेस-जेडीएस के पास बहुमत है
  • कांग्रेस-जेडीएस कल ही बहुमत साबित करने के लिए तैयार है। कोर्ट को तय करना चाहिए की किसी बहुमत साबित करने का मौका मिले : सिंघवी

भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी, कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम, रामजेठमलानी, शांति भूषण कोर्ट में मौजूद हैं। बता दें कि जस्टिस सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोबडे की तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। बता दें कि दोनों दलों ने भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देने के राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी है।सुनवाई शुरू होने से पहले भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि कर्नाटक में खरीद-फरोख्त का सवाल ही नहीं उठता है। दरअसल, कांग्रेस भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगा रही है।
इससे पहले बुधवार को कांग्रेस-जेडीएस की याचिका पर रातभर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चली, हालांकि कोर्ट ने भाजपा नेता बीएस येद्दयुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। बुधवार देर रात सवा दो बजे शुरू हुई सुनवाई गुरुवार सुबह पांच बजकर 28 मिनट तक चली। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में शपथ ग्रहण और सरकार के गठन की प्रक्रिया उसके समक्ष लंबित मामले के अंतिम फैसले के दायरे में आएगी।

कर्नाटक की सत्ता में अब तक का घटनाक्रम
बुधवार को राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस और जेडीएस। देर रात शुरू हुई सुनवाई रातभर चली, सुबह साढ़े पांच बजे खत्म हुई।  सुप्रीम कोर्ट ने येद्दयुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक से इनकार कर दिया। कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई तय की और भाजपा को अपने विधायकों लिस्ट लाने का निर्देश दिया। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा नेता बीएस येद्दयुरप्पा ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। येद्दयुरप्पा के शपथग्रहण के बाद भाजपा अब बहुमत साबित करने की तैयारी में है। येद्दयुरप्पा ने कहा कि मुझे यकीन है कि वे विधानसभा में विश्वासमत हासिल करेंगे। कांग्रेस ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। विधायकों को इस टूट से बचाने के लिए कांग्रेस और जेडीएस अपने सभी विधायकों को हैदराबाद ले गई। इससे पहले कांग्रेस अपने विधायकों को केरल के कोच्चि ले जाने की तैयारी में थी। तीन चार्टर्ड प्लेन से विधायकों को कोच्चि ले जाना था, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि डीजीसीए ने चार्टर्ड प्लेन को उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी।  भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस-जेडीएस ने राज्यपाल को विधायकों के समर्थन की जो चिट्ठी दी है, उसमें कई दस्तखत फर्जी हैं। कर्नाटक में 222 सीटों पर चुनाव हुए थे, जिसमें से भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली थीं। वहीं, दो सीट निर्दलीय के पाले में हैं।

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