भारत समेत सारी दुनिया पर बरसे डोनाल्ड ट्रंप

medhaj news 11 Jun 18 , 06:01:38 Governance
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके मुल्क को 'लूट' रहे देशों पर बरसते हुए आयात शुल्क के मुद्दे पर एक बार फिर भारत को निशाना बनाया, और कनाडा में हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन को कड़वे माहौल में छोड़कर चले गए | अमेरिका के प्रति 'नाजायज़ रुख बरत रहे देशों' के साथ व्यापार रोक देने की धमकी देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "यह सिर्फ जी-7 की बात नहीं है... मेरा मतलब है कि हमारे पास भारत है, जहां कुछ दरें 100 फीसदी हैं... सौ फीसदी... और हम कुछ भी नहीं लेते... हम ऐसा नहीं कर सकते...". क्यूबेक में हो रहे दो-दिवसीय शिखर सम्मेलन से बीच में ही लौट गए अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "हम ऐसी गुल्लक की तरह हैं, जिसे हर कोई लूट रहा है..." उन्होंने कहा, "हम ऐसा नहीं कर सकते... हम कई देशों से बात कर रहे हैं, हम सभी देशों से बात कर रहे हैं... और यह रोकना ही होगा... या हम उन देशों के साथ व्यापार को रोक देंगे... और यह काफी मुनाफा देने वाला जवाब होगा…"



डोनाल्ड ट्रंप ने इस्पात तथा एल्युमिनियम के आयात पर शुल्क लगाकर अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगियों कनाडा, यूरोपीय यूनियन तथा मैक्सिको को पहले ही नाराज़ कर दिया है | डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले भी इसी साल हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क लगाने को लेकर भारत की आलोचना की थी, और चेताया था कि अमेरिका में भी 'हज़ारों' भारतीय मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया जाएगा |



डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "मैं फैसला नहीं कर पाया - उन्होंने यह बात बेहद खूबसूरती से कही थी... वह खूबसूरत व्यक्ति हैं... उन्होंने कहा, मैं आपको बताना चाहता हूं कि हमने शुल्क को 75 फीसदी किया, और अब इसे 50 फीसदी कर दिया है... मैंने कहा, मैं इस पर क्या कहूं... क्या मुझे इससे उत्साहित होना चाहिए...? और ऐसा आपके लिए अच्छा नहीं है, विशेषकर शासकों के रूप में... यह कतई सही नहीं है... और हमारे बीच इस तरह के कई सौदे हैं…" | अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों का 'नाजायज़' फायदा उठा रहे देशों के साथ 'एक जैसा टैक्स' (दोनों देशों के बीच एक समान शुल्क दर) होने की वकालत करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा संदेश दिया, "सो, मेरा कहना है कि इस तरह के मामलों में हमारे बीच एक जैसा टैक्स होना चाहिए... मैं भारत को दोष नहीं दे रहा हूं... मेरा मानना है कि यह बेहद अच्छी बात है कि वे ऐसा कर सकते हैं... मैं नहीं जानता कि लोग उन्हें ऐसा क्यों करने दे रहे हैं... लेकिन यह इस बात का उदाहरण है कि अन्यायपूर्ण व्यवस्था मौजूद है... और मेरे हिसाब से दोनों देशों में एक समान टैक्स ही होना चाहिए…" |


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