महिलाओं को 30 साल की उम्र के बाद यह टेस्ट जरूर कराना चाहिए...

Medhaj News 4 Nov 17,23:06:53 Health
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महिलाएं अक्सर सोचती हैं कि जब कोई तकलीफ नही है तो टेस्ट क्यों करवाएं... लेकिन कुछ बीमारियां ऐसी होती है जो एक उम्र के बाद अंदर ही अंदर पनपती है और पता भी नही चलता। ऐसी ही यूटरस कैंसर है जो महिलाओं में 30 साल की उम्र के बाद होने की संभावना रहती है। दुनिया भर में पिछले 4-5 साल के अंदर यूटरस कैंसर 6 से 7 फीसदी बढ़ा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2012 में केवल इंडिया में ही यूटरस कैंसर से 1 लाख 90 हजार महिलाओं की मौत हुई है। इसलिए 30 साल या इससे ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए पैप स्मियर टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह यूटरस कैंसर से बचने का अच्छा तरीका है।

किन महिलाओं को करवाना चाहिए टेस्ट

-     जिनकी उम्र 30 साल या उससे ज्यादा हो।

-     जो महिलाएं सेक्शुअली ज्यादा एक्टिव रहती है।

-     अगर सेल्स में किसी तरह के बदलाव हो रहे हैं, तो यह टेस्ट इससे भी कम उम्र में रिपिट करना पड़ सकता है।

कैसे होता है...

-     यूटरस में एक बार HPV ( Human papilloma virus)  का इन्फेक्शन होने के बाद इसकी संभावना बढ़ जाती है।

-     यह इन्फेक्शन के बाद 5 से 8 साल के बाद एक्टिव होना शुरू होता है।

-     यूटरस के नीचे की तरफ एक दाने की तरह बन जाता है।

-     पार्टनर के साथ फिजिकल होने पर जब ब्लीडिंग होने लगती है।

कैसे होता है पैप स्मियर टेस्ट

-     यूटरस से कुछ सेल्स लेकर उनका टेस्ट किया जाता है।

-     सेल्स को माइक्रोस्कोप से देखकर यह पता लगाया जाता है कि सेल्स कैंसर से ग्रस्त तो नहीं है।

-     अगर कैंसर होता है तो स्टेज का पता लगाया जाता है।

-     इसमें राउंड स्पैचुला को यूटरस की आउटर लेयर पर धीरे से घिसने के बाद जमा हुए सेल्स की जांच की जाती है।

-     इनमें यह भी देखा जाता है कि सेल्स में कहीं अबनॉर्मल सेल्स तो नही।

 

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