चीनी के ज्यादा इस्तेमाल से मधुमेह ही नहीं बल्कि कैंसर होने का भी है खतरा

Medhaj News 23 Oct 17,21:36:57 Health
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चीनी का ज्यादा सेवन मधुमेह के साथ कैंसर का भी कारण बन सकता है। डच वैज्ञानिकों के किए गए नए शोध में यह साबित हुआ है कि चीनी कैंसर की कोशिकाओं को सक्रिय करता है जिससे ट्यूमर बढता है और इलाज असंभव हो जाता है। कैंसर मरीजों के लिए चीनी बहुत ही नुकसानदायक है।

पहले भी हो चुका है शोध

जर्मन वैज्ञानिक बारबर्ग भी 1920 में इस पर अध्धयन कर चुके है। इस रिपोर्ट को बारबर्ग प्रभाव के नाम से जाना जाता है। इस रिपोर्ट में उन्होनें बताया गया है कि किसी भी स्वस्थ ऊतक के मुकाबले ट्यूमर चीनी को सबसे अधिक मात्रा में लेक्टिक एसिड में परिवर्तित करता है जो कैंसर की कोशिकाएं में अधिक ऊर्जा उत्पन्न करती है जिससे ट्यूमर बढ़ता है।

2008 में तीन डच विश्वविद्यालयों ने इस पर अध्धयन शुरू किया और 9 साल शोध के बाद वह इस नतीजे पर पहुंचे कि चीनी भी कैंसर को बढ़ाने में सहायता करती है। इस अध्धयन से कैंसर की रोकथाम के तरीकों की जानकारी मिलेगी और जागरूकता फैलेगी। यह शोध नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया है कि चीनी के कारण अगर कैंसर का ट्यूमर बहुत अधिक बढ जाता है तो इलाज में काफी कठिनाई होती है। इस नए रिसर्च से कैंसर के मरीजों को खानपान को नियमित करने में मदद मिलेगी। लगातार कैंसर मरीजों की संख्या बढती जा रही है जिसमें महिलाएं भी शामिल है। ऐसे में यह अध्धयन बहुत ही कारगर साबित होगा।

 

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