गर्भावस्था के दौरान मछली का सेवन लाभदायक, शिशु को नहीं होता अस्थमा

medhaj news 1 Nov 17,23:00:38 Health
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गर्भावस्था के समय यदि गर्भवती महिला मछली का सेवन करती है। तो यह आने वाले शिशु की सेहत के लिए लाभदायक होता है। ऐसे बच्चे को अस्थमा नहीं होता हैं। एक नए अध्ययन के मुताबिक, यह ठीक उसी प्रकार काम करता है, जिस तरह मछली के तेल की पूरक खुराक काम करती है।

गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में ओमेगा-3 वसा अम्ल की उच्च खुराक लेने वाली गर्भवती महिलाओं के बच्चों को अपने प्रांरभिक दिनों में विकसित होने वाली सांस की समस्याओं से सुरक्षा मिलती है।

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अमेरिका की युनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा के प्राध्यापक रिचर्ड लॉकी का कहना है कि एक हफ्ते में एक बार थोड़ी अधिक कीमत चुकाकर कम पारे के स्तर वाली मछली का उपभोग न केवल अस्थमा से रक्षा करता है, बल्कि शिशु के विकास और विकास के पोषण संबंधी लाभों को भी मजबूत करता है।'

बता दें, तीन समूहों में यह शोध किया गया। पहले समूह को मछली के तेल वाले ओमेगा-3 वसा अम्ल का सेवन कराया गया जबकि दूसरे समूह ने प्लेसबो का इस्तेमाल किया। तीसरा समूह 'नो ऑयल' समूह था, जिसे उनकी पसंद के अनुसार मछली या मछली के तेल की पूरक खुराक दी गई थी।

शोधकर्ताओं ने पाया कि मछली के तेल और 'नो ऑयल' समूहों के बच्चों को 24 वर्ष की आयु पर पहुंचने के दौरान अस्थमा संबंधी चिकित्सा का कम सामना करना पड़ा।

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