20 करोड़ का बेरोजगारी भत्ता बांटने में अखिलेश सरकार ने खर्च कर दिए 15 करोड़: CAG

medhaj news  |  India  |  19 May 17,10:35:15  |  
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यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत 20 करोड़ रूपए से ज्यादा राशि बांटने के लिए 15 करोड़ की राशि खर्च कर डाली।

कैग द्वारा पारित एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया था। 18 मई को यूपी के सदन में यह रिपोर्ट पेश की गई। जबकि बेरोजगारी भत्ता बांटने का तरीका था कि धन को सीधे उस व्यक्ति के बैंक खाते में जमा कराया जाए।

रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रमों में लोगों को सभास्थल तक लाने ले जाने के लिए 6.99 करोड़ और कार्यक्रम में बैठने और खाने पीने का इंतज़ाम करने के लिए 8.07 करोड़ रुपए खर्च किए गए।   

रिपोर्ट के अनुसार योजना में कि शुरूआत मई 2012 में हुई थीऔर नियम के अनुसार हर तीन महीने में भत्ते का भुगतान लाभार्थियों के सरकारी या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के बचत खातों में किया जाना था।

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यूपी रोजगार व प्रशिक्षण डायरेक्टर के रिकॉर्ड्स के अनुसार साल 2012-13 में राज्य के 69 जिलों में कुल 1 लाख 26 हजार 521 लाभार्थियों को 'बेरोजगारी भत्ता योजना' का चेक बांटने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में भेजा जाना था, इसलिए चेक बांटने के लिए कार्यक्रमों को टालकर इस खर्च से बचा जा सकता था।

राज्य सरकार ने इसके जवाब में सितंबर 2016 में कहा था कि लभार्थियों को चेक बांटने वाले आयोजनों पर सरकार के निर्देशों के अनुसार खर्च किया गया था। जबकि कैग ने कहा कि सिर्फ आयोजन पर 15.06 करोड़ रुपये खर्च करना किसी भी तरह से तर्कपूर्ण और उचित नहीं लगता। 

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