मंत्री अनिल दवे की आखिरी इच्छा...‘याद में लगाए पेड़-पौधे’

medhaj news  |  India  |  19 May 17,09:56:27  |  
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केंद्रीय पर्यावरण एंव वन मंत्री अनिल दवे का गुरुवार की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। अनिल माधव 61 वर्ष के थे। वह 2009 से राज्यसभा सांसद थे। उन्होंने अपनी वसीयत में इच्छा जताई थी की उनका अंतिम संस्कार होशांगाबाद जिले के बांद्राभान के नर्मदा नदी के तट पर होगा।

अनिल दवे द्वारा पांच साल पहले लिखी हुई वसीयत सामने आई है। यह वसीयत 23 जुलाई 2012 को लिखी गई थी, जिसमें उन्होंने अपने अंतिम संस्कार से जुड़े कुछ बातें सामने आई है। इस वसीयत में लिखा गया था, ‘संभव हो तो मेरा दाह संस्कार बांद्राभान में नदी महोत्सव के स्थान पर हो।’ बांद्राभान वह स्थान है, जहां दवे हर दो साल बाद अंतर्राष्ट्रीय नदी महोत्सव का आयोजन करते है।



यह वसीयत मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के अनिल दवे के इंदौर में अंतिम संस्कार किए जाने के बयान के कुछ ही देर बाद सामने आई। यह वसीयत इंदौर में रहने वाले उनके छोटे भाई अभय दवे के घर पर रखी थी।

इस वसीयत में और भी कई बातें लिखी गई थी-


-उत्तर क्रिया के रूप में केवल वैदिक कर्म ही हों। किसी भी प्रकार का दिखावा, आडंबर न हो।


- मेरी स्मृति में कोई भी स्मारक, प्रतियोगिता, पुरुस्कार, प्रतिमा इत्यादि विषय कोई भी न चलाए।


- जो मेरी स्मृति मे कुछ करना चाहते हैं। वे कृपया वृक्षों को लगाने अथवा संरक्षित कर बड़ा करने का कार्य करेंगे तो मुझे आनंद होगा। 

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