विजय माल्या के एक बयान से भारत की राजनीति में भूचाल

Medhaj news 13 Sep 18 , 06:01:38 India
Vijay_Mallya_1_1.jpg

देश के हज़ारों-करोड़ लेकर फरार चल रहे कारोबारी विजय माल्या के एक बयान से भारत की राजनीति में भूचाल आ गया है|विजय माल्या ने देश छोड़ने से पहले अरुण जेटली से मुलाकात की थी | लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट के बाहर विजय माल्या ने यह बात कही |माल्या ने दावा किया कि देश छोड़ने से पहले वह अरुण जेटली से मिलकर आए थे |माल्या ने कहा - मैं मामला निपटाने को लेकर जेटली से मिला था | मैं बैंक का बकाया कर्ज चुकाने के लिए तैयार था, लेकिन बैंकों ने मेरे सेटलमेंट को लेकर सवाल खड़े किए |माल्या ने कहा कि मुझे बलि का बकड़ा बनाया गया |

बैंकों का करीब 9 हज़ार करोड़ लेकर फरार शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर आज लंदन की अदालत में सुनवाई हुई | बता दें कि जिस समय माल्या देश छोड़कर गए, उस समय अरुण जेटली वित्त मंत्री थे | उधर, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने माल्या को गलत ठहराया | उन्होंने कहा कि माल्या ने सांसद की हैसियत का गलत इस्तेमाल किया |उन्होंने कहा कि माल्या से मेरी मुलाकात सिर्फ 40 सेकंड के लिए हुई थी | जेटली ने कहा कि 2014 के बाद उन्होंने माल्या को कभी मिलने का समय नहीं दिया, लेकिन माल्या ने राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने विशेषाधिकार का गलत इस्तेमाल करते हुए संसद भवन के गलियारे में उन्हें रोककर बात करने की कोशिश की थी |

ये भी पढ़े - RRB Recruitment: Group D इस वेबसाइट पर मिलेगी सारी जानकारी

वित्त मंत्री ने फेसबुक पर एक लेख में माल्या के लंदन में दिए गए बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया | उन्होंने कहा कि उसके बयान में 'सच्चाई नहीं है | उन्होंने लिखा है 2014 के बाद से मैंने उसे मिलने का समय नहीं दिया है और उससे उनकी मुलाकात का सवाल ही पैदा नहीं होता | जेटली के मुताबिक राज्यसभा के सदस्य होने के नाते माल्या ने कभी-कभी संसद की कार्यवाही में भी हिस्सा लिया | वित्त मंत्री ने लिखा है उसने एक बार इस विशेषाधिकार का गलत फायदा उठाया और जब मैं सदन से निकल कर अपने कमरे की तरफ बढ़ रहा था तो वह तेजी से पीछा कर मेरे पास आ गया | चलते-चलते उसने कहा कि उसके पास ऋण के समाधान की एक योजना है |इसी दौरान वह साथ हो लिए | उन्होंने समझौते की पेशकश की थी, जिस पर मैंने उन्हें रोकते हुए कहा कि मेरे साथ बात करने का कोई फायदा नहीं, यह प्रस्ताव बैंकों के साथ करें |

जेटली के बयान से पहले माल्या ने खुलासा किया था कि उन्‍होंने देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मामला सुलझाने के लिए मुलाकात की थी। लेकिन बैंकों ने मेरे सेटलमेंट के पत्रों पर आपत्ति जताई थी। माल्या से जब वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर पूछा गया, क्या कोर्ट को इस बात का यकीन हो गया है कि उनके पास इतने संसाधन हैं कि वह अपने वादे के मुताबिक, भुगतान कर सकेंगे? विजय माल्या ने जवाब में कहा, 'देखिए, ये ज़ाहिर है... इसीलिए सेटलमेंट की पेशकश की गई है...। लंदन कोर्ट इस मामले में अब 10 दिसंबर को फैसला सुनाएगी।माल्या ने ये भी कहा कि उसे किसी ने देश छोड़कर जाने के लिए नहीं कहा। माल्या ने कहा कि मुझे भागने की कोई जरूरत ही नहीं थी और मुझ पर लगाए गए आरोप मीडिया द्वारा गढ़े गए हैं।

 

    मेधज न्यूज़ के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक करें। आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं।

    ...
    loading...

    Similar Post You May Like


    Trends