डाक्टरों ने किया करिश्मा, देश में पहली बार हुआ खोपड़ी का सफल ट्रांसप्लांट

Medhaj news 11 Oct 18 , 06:01:38 India
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पुणे में डॉक्‍टर्स ने 4 साल की बच्ची का 60 फीसदी क्षतिग्रस्‍त हुए स्कल को इंप्‍लांट कर दिया। बच्ची की खोपड़ी सड़क दुर्घटना में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी जिसके बाद 3डी पॉलिथिलीन बोन से सफल ट्रांसप्लांट कर दिया। चार साल की इस बच्ची का ये ऑपरेशन देश का पहला स्कल ट्रांसप्लांट बताया जा रहा है।इस बच्ची का पिछले साल कार से एक्सीडेंट हो गया था जिस दौरान उसका स्कल (खोपड़ी) बुरी तरह डैमेज हो गई थी | उस समय डॉक्टर्स ने दो क्रिटिकल सर्जरी करके बच्ची को हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी थी | डॉक्टर्स ने बच्ची को दोबारा अस्पताल में भर्ती किया और इस साल मई में इस सर्जरी को सफलतापूर्वक किया |

बच्ची का परिवार पुणे के कोथरुड का रहने वाला है | बच्ची के एक्सीडेंट के बाद उसे तुरंत भारती अस्पताल में भर्ती करवाया गया था | इस अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ जितेंद्र ओसवाल जिन्होंने शुरुआत में बच्ची का इलाज किया था, ने कहा कि एक्सीडेंट बहुत बड़ा था | बच्‍ची को बेहोशी की हालत में हॉस्पिटल लाया गया था | बच्ची के सिर से लगातार बहुत ज्यादा खून बह रहा था | उसे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया था | बच्ची के सीटी स्कैन में सिर की पिछली हड्डी (ओसीपीटल हड्डी) में एक फ्रैक्चर के साथ ब्रेन में सूजन दिखी थी इससे ब्रेन थोड़ा सिकुड़ गया था | साथ ही मस्तिष्क की जगहों में तरल पदार्थ (एडीमा) बहुत आ गया था | जब बच्ची के क्लीनिकल कंडीशन 48 घंटे बाद भी इंप्रूव नहीं हुई तो बच्ची का दोबारा सीटी स्कैन किया गया | रिपोर्ट हैरान कर देने वाली थी | बच्ची के दिमाग पर एक्सीडेंट का गहरा प्रभाव था और ब्रेन का सेंटर पार्ट से संपर्क टूट गया था | ऐसे में न्यूरोसर्जन ने सर्जरी के जरिए ट्रेंपरेरी और कुछ पार्शल पार्ट को हटा दिया जिससे बच्ची के ब्रेन में पड़ने वाला दबाव हल्का हुआ |

           

न्यूरोसर्जन विशाल रोकड़े का कहना है कि बच्ची की उम्र छोटी होने के कारण उसकी क्रैनियल बोन को नजरअंदाज कर दिया गया जबकि बड़ी उम्र में ऐसे मामलों में क्रैनियल बोन को फ्रीज करके दोबारा इंप्लांट किया जाता है | हालांकि इस सर्जरी के दो महीने बाद बच्ची को घर भेज दिया गया | जब बच्ची चेकअप के लिए आती थी तो वो खुद से चलने-फिरने लगी थी | हालांकि वो इमोशनली काफी डिस्टर्ब हो गई थी | न्यूरोसर्जन विशाल का कहना है कि इंडिया ही नहीं बल्कि एशिया पैसिफिक रीजन में पहली बार स्कल इंप्लांट हुआ है | डॉक्टर्स ने दुनियाभर के बड़े सर्जन से बातचीत और डिस्कस करके इस सर्जरी को अंजाम दिया |

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