जो रोहिंग्या म्यांमार से भारत आये, वो रिफ्यूजी नहीं : राजनाथ सिंह

Medhaj News 21 Sep 17 , 06:01:37 India
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भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज रोहिंग्या मुसलमानों पर सख्त और स्पष्ट प्रतिक्रिया जाहीर की। पिछले लम्बे समय से रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा पूरी दुनिया में गर्माया हुआ है। कुछ दिन पहले म्यांमार की स्टेट काउंसलर ने रोहिंग्या मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी और आज भारत ने इसपर बयान जारी किया। गृहमंत्री राजनाथ ने NHRC कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली में कहा कि म्यांमार से जो रोहिंग्या मुसलमान भारत आये हैं, वो रिफ्यूजी की तरह नहीं आए हैं। उन्होंने कोई कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की है। रोहिग्या भारत देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

उन्होंने कहा, "भारत के संसाधनों पर सबसे पहला हक़ भारतीयों का है। इसलिए हर भारतीय के इस मानवाधिकार का संरक्षण करना हमारा कर्त्तव्य है।"


आज गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “अगर भारत रोहिंग्या को डिपोर्ट करता है तो उसपर लोगों को आपत्ति क्यों है? जबकि बर्मा उन्हें लेने के लिए तैयार है।”

उन्होंने कहा कि भारत ने यूएम रिफ्यूजी कन्वेंशन साइन नहीं किया है। भारत के अंदर जो भी रिसोर्स है उस पर भारतीय का अधिकार है। उन्होंने कहा कि दूसरों के मानवाधिकार की चिंता करने से पहले मानवाधिकारों की बात करनी चाहिए। हमने गुड गवर्नेंस की नीति अपनाई है, हम उस पर डटे हुए हैं।

इसके साथ राजनाथ ने यह भी कहा कि इनमें से कुछ लोगों के आतंकवाद से जुड़ने के सबूत मिले हैं। बारत यिद रोहिंग्या को वापस भेजे जाने की बात करता है तो लोगों को आपत्ति क्यों है?

गौरतलब है कि इससे पहले म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची ने रोहिंग्या के बारे में बयान जारी कर कहा था कि म्यांमार पर रोहिंग्या समूह ने हमले कराये थे। इनको संरक्षण देने का यह नतीजा निकला। जो लोग म्यांमार वापस आना चाहते हैं उनके लिए रिफ्यूजी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया की जाएगी, तभी उन्हें यहां रखा जाएगा।

 

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