जम्मू-कश्मीर: आतंकियों ने 4 पुलिस कर्मियों को किया अगवा

Medhaj news 21 Sep 18 , 06:01:38 India
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सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और स्थानीय निकाय व पंचायत चुनावों में लाेगों के बढ़ते उत्साह से हताश आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर में चार पुलिसकर्मियों को उनके घरों से अगवा कर लिया है। चारों पुलिसकर्मियों को आतंकियों की चंगुल से मुक्त कराने के लिए पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया है।अगवा किए गए पुलिसकर्मियों की पहचान फिरदौस अहमद कूचे, कुलदीप सिंह, निसार अहमद धोबी और फैयाज अहमद बट के रुप में हुई है।लेकिन अधिकारिक तौर पर कोई भी पुलिस अधिकारी आतंकियों द्वारा चार पुलिसकर्मियों के अगवा की घटना की पुष्टि को तैयार नहीं है।

अलबत्ता, एक पुलिस अधिकारी ने अपहरण से इंकार करते हुए कहा कि है चार पुलिसकर्मी गत रोज से लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है।संबधित सूत्रों ने बताया कि अगवा किए गए चारों पुलिसकर्मी दक्षिण कश्मीर में दो गांवों कापरिन और बटगुंड के रहने वाले हैं। इनमें तीन एसपीओ हैं और एक पुलिस कांस्टेबल है।इससे पूर्व गत 31 अगस्त को दक्षिण कश्मीर में आतंकियों ने पुलिसकर्मियों के 11 रिश्तेदारों को अगवा किया था।

यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि दो दिन पहले हिज्ब अातंकी रियाज नायकू ने एक वीडियो जारी कर पुलिसकर्मियों व एसपीओ को नौकरी छोड़ने की धमकी दोहराई थी। ऑडियो क्लिप में नौकरी छोड़ने के लिए चार दिन का वक्त दिया गया था।केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी नौकरी छोड़ने के लिए धमकाया गया था।उस दो मिनट के वीडियो में नौकरी नहीं छोड़ने वालों के परिजनों को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी।

कश्मीर में हिज्बुल आतंकी रियाज नाइकू सुरक्षा और पुलिस बलों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।बुधवार को सोशल मीडिया में उसका एक नया ऑडियो क्लिप जारी हुआ था।क्लिप में उसने लोगों से अपील की है कि वे पुलिस की नौकरी जॉइन न करें था। ऑडियो क्लिप में नाइकू ने कहा है कि हिंदुस्तान की सरकार एक साजिश के तहत लोगों को एसपीओ बना रही है।कई विभागों में रिक्तियां हैं लेकिन पुलिस बल में ही भर्तियां हो रही हैं। सभी एसपीओ से कहा था कि वे उग्रवादियों की सूचना पुलिस को न दें और फौरन पुलिस की नौकरी छोड़ दें वर्ना नतीजे काफी बुरे होंगे।

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धमकी देने वाले शख्स ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसटीएफ, ट्रैफिक पुलिस, सीआईडी, राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ, बीएसएफ और केंद्र सरकार की नौकरी करने वाले कश्मीरियों से नौकरी छोड़ने की धमकी देते हुए नौकरी छोड़ने का सबूत इंटरनेट पर अपलोड भी करने को कहा था।नौकरी छोड़ने के लिए उसने चार दिन का वक्त दिया था।

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जम्मू-कश्मीर पुलिस (जेकेपी) के पास करीब 35,000 एसपीओ हैं जो पुलिस विभाग में नियमित नौकरी मिलने की आस लगाए हुए हैं।पुलिस विभाग राज्य के युवाओं के लिए रोजगार का मुख्य आकर्षण बना हुआ है।जुलाई 2016 में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद दो वर्षों में घाटी के करीब 9,000 युवा पुलिस में भर्ती हो चुके हैं।इस साल 29 अगस्त की हत्या को मिलाकर कुल 35 पुलिसकर्मियों की हत्या हो चुकी है, जो 2017 में पूरे साल कुल हत्या से भी ज्यादा है।हाल के महीनों में आतंकियों के मारे जाने के जवाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों की अभूतपूर्व घटनाएं देखने को मिली हैं।

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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा यह धमकी उस वक्त सामने आ रही है जब केंद्र ने जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव की घोषणा कर दी है। माजा ना रहा है कि आतंकी संगठन कश्मीर में पंचायत चुनाव से पहले दहशत फैलाकर चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना चाहते हैं। कश्मीर घाटी में इससे पहले तमाम पुलिसकर्मियों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई थी। आतंकियों ने कई पुलिसवालों के परिवारिक सदस्यों को निशाना बनाया गया था।

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