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Malmas 2018: आज से शुरू हो गया पुरूषोत्तम मास, जीवन में खुशहाली लाने वाला माह है 'पुरुषोत्तम मास

medhaj news 16 May 18 , 06:01:38 India
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अधिकमास 16 मई से प्रारंभ हो गया है, इसे मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस माह के दौरान कोई भी मांगलिक कार्य करना वर्जित रहता है, लेकिन इस दौरान धर्म-कर्म, दान से जुड़े सभी कार्य करना चाहिए क्योंकि ये विशेष फलदायी रहते हैं। अधिकमास भगवान विष्णु का माह होता है। इसमें भगवान विष्णु की धना करने से जीवन में समस्त प्रकार के सुख, ऐश्वर्य, पद-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। अधिकमास में केवल ईश्वर के लिए व्रत, दान, हवन, पूजा, ध्यान आदि करने का विधान है। ऐसा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य प्राप्त होता है।



अधिकमास में भगवान विष्णु के प्रिय मंत्र 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम:" मंत्र या गुरु द्वारा प्रदत्त मंत्र का नियमित जप करना चाहिए। इस मास में श्रीविष्णु सहस्त्रनाम, पुरुषसूक्त, श्रीसूक्त, हरिवंश पुराण और एकादशी महात्म्य कथाओं के श्रवण से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दौरान श्रीकृष्ण, श्रीमद्भागवत, श्रीराम कथा वाचन और विष्णु भगवान की उपासना की जाती है। इस माह में भगवान विष्णु की उपासना करने का अलग ही महत्व है।



विष्णु उपासना



पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु का पूजन और विष्णु सहस्त्रनाम का नियमित जाप विशेष फलदायी होता है। किसी विशेष कार्य के पूर्ण होने की कामना से यदि विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया जाए तो वह माह समाप्त होते-होते अवश्य पूरी होती है। शुभ फल प्राप्त करने के लिए मनुष्य को पुरषोत्तम मास में अपना आचरण पवित्र और सौम्य रखना चाहिए। इस दौरान मनुष्य को अपने व्यवहार में भी नरमी रखनी चाहिए।


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