कश्मीर में लोगों की जान बचाते है, फिर भी फौजी खाते है पत्थर: पीएम मोदी

medhaj news  |  India  |  21 Apr 17,14:37:45  |  
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देश की राजधानी दिल्ली में आज पीएम मोदी ने 11वें सिविल सेवा दिवस के कार्यक्रम में अफसरों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस मौके पर देश के जवानों का जिक्र करते हुए कहा,  ‘हमारे जवान कश्मीर में बाढ़ आने पर लोगों की जान बचाते है। लोग उनके लिए तालियां बजाते है, लेकिन बाद में फौजी पत्थर भी खाते है।’ उनहोंने कहा हमें आत्मचिंतन करना चाहिए, इसमें किसी तरह की कोई भी कोताही नहीं बरतनी चाहिए।

इसके बाद पीएम मोदी ने अफसरों की तारीफ करते हुए कहा कि पहले सरकार ही सबकुछ करती थी, लेकिन आज अफसरों की जिम्मेदारी बढ़ी है।

पीएम मोदी ने नौकरीशाही के बीच प्रतिस्पर्धा और कार्यशैली को बदलने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि नौकरशाही के सामने कई चुनौतियां है, और इन चुनौतियों को अवसरों में बदलना होगा। नौकरशाही को सरकार को रहते दबाव महसूस नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों में काफी बदलाव आया है।

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मैं चाहता हूं कि एक साल में गुणवत्तापूर्ण बदलाव होना चाहिए। अगर एक्सीलेंसी का ठप्पा नौकरशाही के साथ लगा है तो काम भी उम्दा करना होगा।’

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मोदी बोले, ‘अब चीजों के बदलने का मौका आ गया है, क्या आप इसे अपनाते हैं। मैं समझता हूं कि हायरैरिकी का बोझ अंग्रेजों के जमाने से है लेकिन हम आज भी अनुभव का बोझ नए लोगों पर ट्रांसफर करते जा रहे हैं। सीनियर सोचें कि कहीं अनुभव का बोझ नई चुनौतियों के आगे रुकावट तो नहीं बन रहा है।’

मोदी ने कहा, “मैं सोशल मीडिया की ताकत को पहचानने वाला इंसान हूं। अगर मैं सोशल मीडिया के द्वारा सरकारी योजना का प्रचार करता हूं तो ये बेहतर प्रयोग होगा लेकिन अगर मैं अपनी फोटो खुद को प्रचारित करने के लिए लगाता हूं तो ये अनामिका का दुरुपयोग है।”

           

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