पाकिस्तान और चीन में भारत के मुकाबले ज्यादा परमाणु हथियार, भारत फिर भी बेफिक्र

Medhaj news 19 Jun 18 , 06:01:38 India
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पाकिस्तान और चीन में भारत के मुकाबले ज्यादा परमाणु हथियार हैं, इसके बावजूद विश्वसनीय तरीके से भारत की धमक बनी हुई है। भारत एक जिम्मेदार न्यूक्लियर पावर है. एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
एशिया की तीन बड़ी सैन्‍य ताकतों चीन, भारत और पाकिस्‍तान ने बीते एक साल में अपने एटमी हथियारों के जखीरे में पर्याप्‍त इजाफा किया है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, परमाणु हथियारों के मामले में पाकिस्‍तान अब भी भारत से आगे बना हुआ है। वहीं भारत का जोर ऐसे किसी एटमी हमले के दौरान खुद को 'बचाए' रखते हुए जवाबी कार्रवाई की क्षमता बढ़ाने पर है और यहां रक्षा प्रतिष्ठानों का मानना है कि उनका यह कार्यक्रम सही ट्रैक पर है।
सीपरी की तरफ से सोमवार को जारी इस सालाना रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन के पास पिछले साल 270 परमाणु हथियार थे, जो इस साल बढ़कर 280 हो गई है। वहीं भारत और पाकिस्‍तान ने पिछले एक साल के दौरान अपने जखीरे में 10-10 परमाणु हथियारों का इजाफा किया है। फिलहाल भारत के पास जहां 130-140 एटमी हथियार हैं, वहीं पाकिस्तानी जख़ीरे में 140-150 हथियार हैं। इन दोनों ही देशों ने परमाणु हथियारों के लिए जमीन, हवा और समुद्र से दागे जाने वाले मिसाइलों का भी विकास तेज किया है।
बता दें कि भारत की नीति 'पहले परमाणु हथियार के इस्‍तेमाल नहीं करने' की नीति की रही है। हालांकि इसके बावजूद उसने अपने जखीरे को बढ़ाया ही है। सिपरी के मुताबिक, भारतीय रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चीन और पाकिस्तान की तरफ से लगातार जारी चुनौतियों के कारण हमारे पास अपनी परमाणु क्षमता बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता और हम ऐसा कोई एटमी हमला होने पर मजबूत जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
सूत्र ने कहा, 'परमाणु हथियारों की संख्या कोई खास मायने नहीं रखती। भारत अब भी परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करने की नीति पर अडिग है और ऐसे में हम ऐसे हमलों से खुद के बचाव और कड़ी जवाबी कार्रवाई पर जोर दे रहे हैं।'
बता दें कि भारत रक्षा पर खर्च करने वाला दुनिया का 5वां सबसे बड़ा देश है और सिपरी की रिपोर्ट के मुताबिक, हथियारों की खरीद के मामले में यह अब भी शीर्ष पर बना हुआ है। सिपरी की इस रिपोर्ट में गौर करने वाली एक और बात यह है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों अमेरिका और रूस ने इस एक साल में अपने एटमी हथियारों की संख्या घटाई है। अमेरिका ने जहां अपने परमाणु हथियारों की संख्‍या 6800 से घटाकर 6480 कर दिया है, वहीं रूस ने इनकी संख्‍या 7000 से कम करके 6850 कर दिया है। हालांकि अब भी दुनिया का 92 फीसदी एटमी हथियार अब भी इन्हीं दोनों देशों के पास है।

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