मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक,अब गरीबो को मिलेगा मुफ्त इलाज, जानें कैसे

Medhaj news 24 Sep 18 , 06:01:38 India
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रांची में दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम ‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत कर दी | इसके तहत 10 करोड़ परिवारों यानी लगभग 50 करोड़ लोगों को सालाना 5 लाख रुपये का कैशलेस हेल्थ बीमा मिलेगा | इसे पीएम मोदी के नाम पर 'मोदी केयर' भी कहा जा रहा है, जो पीएम होने के साथ-साथ सत्तारूढ़ पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा है | फिलहाल देश के 29 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 445 जिलों में यह योजना लागू होने जा रही है, क्योंकि ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे कुछ राज्यों ने अभी इसे नहीं अपनाया है | 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर यह योजना पूरी तरह लागू हो जाएगी |

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों के लगभग 50 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज मिल सकेगा। पढ़िए योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-

                                                                  कैसे होगा चयन?

इस योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों का चयन 2011 की जनगणना के आधार पर किए जाने का अनुमान है। आधार नंबर से परिवारों की सूची तैयार की गई है और आपको सुविधा का लाभ मिलेगा। सूची तैयार होने के बाद तब इस योजना का लाभ लेने के लिए किसी पहचान पत्र की जरूरत नहीं होगी।

                                                 कैसे पता चलेगा आपका आपका रजिस्ट्रेशन हो गया?

वर्ष 2011 की जनगणना में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को इसमें जगह मिलेगी। योजना में आपका नाम है या नहीं यह आप Mera.pm.jay.gov.in पर चेक कर सकते हैं। सबसे पहले आप इस वेबसाइट पर जाए। यहां होम पेज पर एक बॉक्स मिलेगा। इसमें मोबाइल नंबर डाले। उस पर ओटीपी आएगा। इसे डालते ही पता चल जाएगा कि आपका नाम इसमें जुड़ा है या नहीं। इसके अलावा लोग 14555 पर कॉल कर यह पता कर सकते हैं कि उनका नाम इस योजना में जुड़ा है या नहीं। लोग पास के अस्पतालों में जाकर भी यह पता कर सकते हैं कि उनको इस योजना का लाभ मिलेगा या नहीं।

                                                           अस्पताल में कैसे मिलेगा लाभ?

मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपने बीमा दस्तावेज देने होंगे। इसके आधार पर अस्पताल इलाज के खर्च के बारे में बीमा कंपनी को सूचित कर देगा और बीमित व्यक्ति के दस्तावेजों की पुष्टि होते ही इलाज बिना पैसे दिए हो सकेगा। इस योजना के तहत बीमित व्यक्ति सिर्फ सरकारी ही नहीं बल्कि निजी अस्पतालों में भी अपना इलाज करवा सकेगा। निजी अस्पतालों को जोड़ने का काम शुरू हो चुका है। इसका यह लाभ भी मिलेगा कि सरकारी अस्पतालों में अब भीड़ कम होगी। सरकार इस योजना के तहत देशभर में डेढ़ लाख से ज्यादा हेल्थ और वेलनेस सेंटर खोलेगी जोकि आवश्यक दवाएं और जांच सेवाएं निःशुल्क मुहैया जाएंगे।

                                                            बिना आधार के मिल पाएगा लाभ

आयुष्मान भारत योजना के लिए आपको आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार किसी भी सरकारी स्कीम का लाभ उठाने के लिए आपको आधार कार्ड की जरूरत नहीं है।

                                                            कौनसी बीमारी का इलाज करवा सकेंगे

इस योजना के तहत मैटरनल हेल्थ और डिलीवरी की सुविधा, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य सुविधा, कॉन्ट्रासेप्टिव सुविधा और संक्रामक, गैर संक्रामक रोगों के प्रबंधन की सुविधा, आंख, नाक, कान और गले से संबंधित बीमारी के इलाज के लिए अलग से यूनिट होगी। बुजुर्गों का इलाज भी करवाया जा सकेगा।

किन राज्यों में कितने सेंटर: इसके दो कंपोनेंट हैं- पहला 10.74 लाख परिवारों को मुफ्त 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा। दूसरा हेल्थ वेलनेस सेंटर। इसमें देशभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपडेट होंगे। इन सेंटर्स पर इलाज के साथ मुफ्त दवाइयां भी मिलेंगी। छत्तीसगढ़ में 1000, गुजरात में 1185, राजस्थान में 505, झारखंड में 646, मध्यप्रदेश में 700, महाराष्ट्र में 1450, पंजाब में 800, बिहार में 643, हरियाणा में 255।

ये भी पढ़े - मोदी सरकार : छोटी बचत योजनाओं में ब्‍याज दर बढ़ाई, मिलेगा ज्यादा मुनाफा

 

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