सेल्फी की लत है एक तरह की बीमारी, समय रहते करवाएं इलाज!

मेधज न्यूज  |  India  |  11 Jan 17,14:44:49  |  
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कहीं आप भी सेल्फी की लत से परेशान तो नहीं हैं....यदि आपका जबाव हां है। तो यह खबर आप के लिए है... क्योंकि यह आप के इलाज से जुड़ी है।

दिल्ली के एम्स अस्पताल में सोशल नेटवर्क व सेल्फी एडिक्शन से जुड़े कुछ मामले सामने आए हैं। हाल ही में एक 19 वर्षीय युवती को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर फोटो शेयर करने व सेल्फी लेकर उनपर मिलने वाले कमेंट की ऐसी आदत लगी कि इलाज के लिए उसे एम्स पहुँचना पड़ा।

हुआ यूं कि इस लड़की के एक दोस्त ने कमेंट किया कि उसका नाक टेढ़ी है। उस कमेंट का उस लड़की पर ऐसा असर हुआ कि वह नाक का  इलाज करवाने ईएनटी विभाग पहुंच गई। वहां से उस लड़की को मनोचिकित्सक विभाग भेज दिया गया जहां उसका इलाज जारी है।

एम्स के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. नंद कुमार ने कहा कि सेल्फी एडिक्शन के दो रोचक मामले सामने आए है।

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एक और युवती भी सेल्फी एडिक्शन से पीड़ित होकर इलाज के लिए एम्स आई है। सेल्फी की वजह से लाईफ के साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।

डॉ. नंद कुमार के अनुसार सेल्फीसाइटिस की प्रॉब्लम एक ऐसी कंडीशन है जिसमें इंसान अगर सेल्फी ना ले और उसे सोशल साइट पर शेयर ना करें तो उन्हें बैचेनी होने लगती है। इसे ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर कहा जाता है। जरूरत से ज्यादा सेल्फी लेने की चाहत डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर नाम की बीमारी को जन्म देती है।

इस बीमारी में लोगों को लगने लगता है कि वह अच्छे नहीं दिखते। सेल्फी के इस दौर में कॉस्मेटिक सर्जरी कराने वालों की संख्या बढ़ गई है। जब एक इंसान को अपने रोज के काम में कोई एक आदत बाधा डालने लगे तो समझ जाता है कि वह ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर का शिकार है। पढ़ने वाले को पढ़ाई में मन नहीं लगे, काम वाले को काम में मन नहीं लगे, तो यह बीमारी की शुरुआत है। अगर इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह बढ़ती जाती है।

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