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निर्भया के गुनाहगारों को फांसी पर चढ़ाने के लिए मेरठ से जल्लाद भेजा जाएगा

Medhaj News 12 Dec 19 , 06:01:39 India
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निर्भया (Nirbhya Case) के गुनाहगारों को फांसी (Execution) पर चढ़ाने के लिए यूपी के मेरठ (Meerut) से जल्लाद (Executioner) भेजा जाएगा | बता दें तिहाड़ जेल (Tihar Jail) प्रशासन ने यूपी के डीजी जेल को पत्र लिखकर जल्लाद उपलब्ध करवाए जाने की गुजारिश की थी | इस पर जेल मुख्यालय ने मेरठ के जल्लाद को भेजने की मंजूरी दे दी है | हालांकि तिहाड़ जेल प्रशासन की तरफ से भेजे गए पत्र में इस बात का जिक्र नहीं है कि किसे फांसी दी जानी है | लेकिन संभावना जताई जा रही है कि निर्भया के गुनाहगारों को ही सजा दी जाएगी | चर्चा है कि 16 दिसंबर को निर्भय के चारों अभियुक्तों को फांसी दी जाएगी | डीजी जेल आनंद कुमार ने तिहाड़ जेल प्रशासन की तरफ से पत्र मिलने की पुष्टि की है | उन्होंने बताया कि तिहाड़ जेल प्रशासन की तरफ से कुछ मृत्युदंड पाए अभियुक्तों को फांसी पर चढ़ाए जाने के लिए जल्लाद की मांग की गई थी | डीजी जेल ने तिहाड़ जेल अधीक्षक को दिए अपने जवाब में कहा है कि जब भी चाहेंगें 5 घंटे के अंदर जल्लाद तिहाड़ पहुंच जाएगा | इस संबंध में मेरठ अधीक्षक को सूचित कर दिया गया है | पवन जल्लाद मेरठ का रहने वाला है |





कई पीढ़ियों से वो इसी शहर में रह रहा है | हालांकि इस शहर में उसे शायद ही कोई पहचानता हो | पार्ट टाइम में वो इस शहर में साइकिल पर कपड़ा बेचने का का काम करता है | करीब दो तीन साल पहले जब निठारी हत्याकांड (Nithari Murder) के दोषी ठहराए सुरेंद्र कोली को फांसी दी जाने वाली थी, वो उसके लिए पवन को ही मुकर्रर किया गया था | बाद में वो फांसी टल गई | भारत में इस समय इक्का-दुक्का अधिकृत जल्लाद ही बचे हैं, जो ये काम कर रहे हैं | पवन इस समय करीब 56 साल के हैं | फांसी देने के काम को वो महज एक पेशे के तौर पर देखते हैं | उनका कहना है कि कोई व्यक्ति न्यायपालिका से दंडित हुआ होगा और उसने वैसा काम किया होगा, तभी उसे फांसी की सजा दी जा रही होगी, लिहाजा वो केवल अपने पेशे को ईमानदारी से निभाने का काम करता है |


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