आज है भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 27वीं पुण्यतिथि

Medhaj news 21 May 18 , 06:01:38 India
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देश आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर नमन कर रहा है। राजीव गांधी ने देश को एक नई दिशा दी थी। वह देश के बेहद लोकप्रिय नेताओं में से एक थे।  राजीव गांधी की 27वीं पुण्यतिथि पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी ने आज उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राहुल ने इस मौके पर ट्विटर पर अपने पिता की एक सीख भी शेयर की। उन्होंने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि मेरे पिता ने मुझे सिखाया है कि नफरत उन लोगों के लिए एक बन्दीगृह की तरह है जो इसके राहुल ने लिखा कि 'आज उनकी पुण्यतिथि के मौके पर मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे सभी को प्यार और सम्मान देना सिखाया। यह सबसे बहुमूल्य तोहफा है जो एक पिता अपने बेटे को दे सकता है।' राहुल ने कहा, 'राजीव गांधी, हम सब आपसे प्यार करते हैं और आप हमेशा हमारे दिल में रहेंगे।' इससे पहले राजीव गांधी की 27वीं पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। कई नेताओं ने आज सुबह वीरभूमि पहुंचकर राजीव गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया। इस मौके पर प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा भी मौजूद थे।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी और कहा, 'आधुनिक भारत के द्योतक, सादगी और विनम्रता के प्रतीक, करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्त्रोत, भारत रत्न राजीव गांधी जी के बलिदान दिवस पर मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि।' राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरूम्बुदूर में बम विस्फोट में मौत हो गई थी।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या को आज 27 साल पूरे हो गए। तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में उन्हें उस वक्त बम से उड़ा दिया गया था जब वो एक चुनावी रैली को संबोधित करने जा रहे थे। 21 मई 1991 को रात तकरीबन 10 बजकर 15 मिनट पर राजीव गांधी रैली स्थल पर पहुंचे। वे कार की अगली सीट पर बैठे थे और उन्होंने उतरते ही सबका अभिवादन किया। मंच की ओर बढ़ते हुए एक महिला आत्मघाती हमलावर धनु ने उन्हें माला पहनानी चाही, तो सब इंस्पेक्टर अनुसुइया ने उसे रोक दिया। हालांकि राजीव गांधी के कहने पर उसे माला पहनाने के लिए आने दिया गया। धनु ने उन्हें माला पहनाई और जैसे ही वो उनके पैर छूने के लिए नीचे झुकी, उसने अपने कमर से बंधे बम का बटन दबा दिया। एक जोरदार धमाका हुआ और फिर सबकुछ सुन्न हो गया। इस धमाके ने राजीव गांधी की जान ले ली।

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