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पुरुष के अंदर विकसित गर्भाशय का अनोखा मामला

Medhaj News 29 Nov 19 , 06:01:39 India
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सामाजिक बंधनों से डरे रामस्वरूप मीडिया से खुलकर बात नहीं करना चाहते क्योंकि उन्हें अपनी बेटियों की शादी की चिंता है | लेकिन 25 नवंबर को जब ये मामला स्थानीय मीडिया में आया तो उन्होंने पत्रकारों से कहा - हमारे पांच बच्चे हैं | आज तक किसी तरह की कोई दिक़्क़त महसूस नहीं हुई थी | अब डॉक्टर साहब ने पेट से बच्चेदानी निकाली है | ये समझना मुश्किल है कि जनाना (औरत) अंग हमारे अंदर कैसे आ गया | बिहार की राजधानी पटना से 300 किलोमीटर दूर है पूर्णियाँ शहर | पूर्णियाँ के रौटा थाना क्षेत्र के ग्रामीण रामस्वरूप को बीती 24 नवंबर को अचानक पेट में बहुत तेज़ दर्द हुआ | उनका पेट फूला हुआ था और हार्निया फंसा होने के कारण मामला गंभीर था | रामस्वरूप के घरवाले उन्हें इलाज के लिए पूर्णियाँ शहर स्थित रेहाना नर्सिंग होम ले गए | लेकिन इसके आगे उन्हें जो मालूम चला, वो रामस्वरूप जैसे किसी आम ग्रामीण के जीवन में थोड़ी उथल-पुथल लाने के लिए काफ़ी था | नर्सिंग होम में रामस्वरूप का इलाज करने वाले सर्जन डॉक्टर सोहेल अहमद बताते हैं - हमने कुछ ज़रूरी टेस्ट कराए और हार्निया का ऑपरेशन कर दिया | लेकिन जब उनका पेट चीरा गया तो उसमें एक विकसित गर्भाशय था | जिसको हमने निकाल दिया और बॉयोप्सी के लिए भेजा है | मरीज़ अब ठीक है और उन्हें 26 नवंबर को छुट्टी दे दी गई |  लेकिन ये रेयर केस है | डॉक्टर सोहेल ने गर्भाशय की तस्दीक करने के लिए इसे स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सना अमरीन को भी दिखाया | डॉक्टर अमरीन ने बताया - जब मैंने गर्भाशय देखा तो ये एक विकसित गर्भाशय था और उसमें वो सब कुछ है जो एक महिला के गर्भाशय में होता है | सोशल टैबू के चलते इसको लेकर मरीज़ और उनके परिवार के लोग सहज नहीं थे | इस बीमारी को पर्सिस्टेंट म्यूलेरियन डक्ट सिंड्रोम या पीएमडीएस कहा जाता है | 'इंटरनेशनल जनरल ऑफ सर्जरी केस रिपोर्ट्स' में साल 2014 में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़, इस तरह का पहला मामला 1939 में इंग्लैंड में पहली बार रिपोर्ट हुआ था | साल 2009 तक पूरी दुनिया में ऐसे 150 मामले देखे गए हैं | दरअसल पीएमडीएस यौन विकास का एक विकार है, जो पुरुषों को प्रभावित करता है |





पीएमडीएस से पीड़ित पुरुष में सामान्य पुरुष प्रजनन अंग और सामान्य पुरुष बाहरी जननांग होते हैं | लेकिन उनके शरीर में गर्भाशय और फ़ैलोपियन ट्यूब (महिला प्रजनन अंग) भी होते हैं | गर्भाशय और फ़ैलोपियन ट्यूब एक संरचना से विकसित होते हैं जिसे म्यूलेरियन डक्ट (वाहिनी) कहा जाता है | इस म्यूलेरियन डक्ट में महिला और पुरुष दोनों भ्रूणों में मौजूद होते हैं | म्यूलेरियन इनहीबिटिंग सबस्टेंस यानी एमआईएस हार्मोन के कारण पुरुष में ये डक्ट टूट जाता है | लेकिन जब कभी ये एमआईएस पुरुष में मौजूद नहीं होता तो उसमें गर्भाशय विकसित हो जाता है | और वो पीएमडीएस से पीड़ित होता है | सोहेल ने कहा कि ऐसे पुरुषों के गर्भधारण करने की संभावना है | उन्होने बताया - गर्भाशय पूरी तरह से विकसित है | पुरुष में शुक्राणु हैं और अगर इसे स्त्री के अंडाणु से मिला दिया जाए तो ऐसे पुरुष के गर्भधारण की संभावना है | साल 2007 में अमरीका के थामस बीटे जो ट्रांसजेंडर मैन हैं वो पहले 'गर्भवती पिता' भी बने थे हालांकि उनके गर्भधारण करने से पीएमडीएस बीमारी से कोई वास्ता नहीं था |  


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