ऐसे करें शनि देव की अर्चना, मिलेगा आशीर्वाद

medhaj news 14 Dec 17,00:02:33 Lifestyle
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आम इंसान शनिदेव की छाया से भी डरते है। वे सोचते है कि शनि देव के कोप से किसी भी तरह बचा जा सके। इसके लिए वे कई तरह के उपाय भी करते है। शास्‍त्रों के अनुसार शनिदेव सूर्य देव और देवी छाया के पुत्र हैं। व शनिदेव का जन्म ज्येष्ठ मास की अमावस्या हुआ था।
शुद्ध मन से प्रत्‍येक शनिवार को व्रत रखने से शनि अत्‍यंत प्रसन्‍न होते हैं। ऐसा करने वालों पर उनकी कुपित दृष्‍टि नहीं पड़ती। 


नव ग्रहों में सातवें ग्रह माने जाने वाले शनिदेव से लोग सबसे ज्‍यादा डरते जरूर हैं लेकिन वह किसी का बुरा नहीं करते हैं। वह लोगों के कर्मों के हिसाब से उनके साथ न्‍याय करते हैं। शायद इसलिए उन्‍हें न्‍यायाधीश के रूप में भी पहचाना जाता है। शनिवार को शनिदेव की पूजा करने से व्यक्ति पर से साढ़ेसाती और ढैया समाप्‍त हो जाती है। इसके अलावा कुंडली में मौजूद कमजोर शनि का प्रभाव भी खत्‍म हो जाता है।
ऐसे करें पूजा-

-शनि जयंती पर प्रात:काल उठकर स्‍नानादि कर शुद्ध हों। 
-इसके बाद लकड़ी के पाटे पर एक काला कपड़ा बिछाकर उस पर शनिदेव की प्रतिमा रखें।
-इसके बाद उनके पाटे के सामने के दोनों कोनों में घी का दीपक जलाएं व सुपारी चढ़ाएं।
-फिर शनिदेव को पंचगव्य, पंचामृत, इत्र से स्नान कराएं। 
-उन पर काले या फिर नीले रंग के फूल चढाएं। 
-इसके बाद उनके गुलाल, सिंदूर, कुमकुम व काजल लगाए। 
-पूजा में तेल में तली वस्तुओं का नैवेद्य समर्पित करें। 
-इस दौरान शनि मंत्र का कम से कम एक माला जप करें।

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