डोकलाम विवाद के बाद पहली बार भारत-चीन में हुई सीमा वार्ता, सीमा मुद्दों पर बनाए रखेंगे शांति

Medhaj News 18 Nov 17,19:00:00 Lifestyle
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भारत-चीन के सीमा इलाकों पर अमन-चैन कायम करने और विचार विमर्श के लिए 2012 में WMCC (विचार-विमर्श एवं समन्वय के संस्थागत तंत्र) की स्थापना की गई थी। भारत-चीन सीमा मामलों पर विचार-विमर्श एवं समन्वय के कार्यकारी तंत्र (WMCC) का 10वां दौर बीजिंग में आयोजित किया गया। जहां दोनों देशों में डोकलाम गतिरोध के बाद पहली बार बातचीत हुई।

बता दें कि भारत-चीन सीमा विवाद अरुणाचल प्रदेश को लेकर है। दोनों ही देश इसे अपना होने का दावा करते है। ऐसी ही समस्याओं से निपटने के लिए दोनों के बीच WMCC की स्थापना हुई थी।

गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में 3 महीने तक चले गतिरोध के बाद यह पहली वार्ता है।

इस बैठक में हुई इन मुद्दों पर बातचीत

दोनों देशों ने सीमा विचार-विमर्श एवं समन्वय तंत्र पर अपनी पहली बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अपनी सीमा के सभी सेक्टरों में हालात की समीक्षा की और दोनों पक्षों ने विश्वास बहाली उपायों एवं सैन्य संपर्कों को बढ़ाने पर बातचीत हुई। हालांकि यह इस बात निर्भर करता है कि जमीनी स्तर पर इसे कैसे लागू किया जाता है।

दोनों देशों के बीच बातचीत रही रचनात्मक

विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) प्रणय वर्मा और चीन के एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक श्याओ कियान के बीच हुई यह बातचीत रचनात्मक रही और इसमें आगे की राह पर चर्चा हुई। दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए कि सीमाई इलाकों में अमन-चैन द्विपक्षीय संबंधों के सतत विस्तार की पूर्व शर्त है।

 

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