MOVIE REVIEW: देसी अंदाज में भरपूर जमीनी सच्चाई की कहानी है ‘अनारकली ऑफ आरा’

मेधज न्यूज  |  Movies Review  |  24 Mar 17,11:37:43  |  
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अपने बेहतरीन अभिनय से लोगों का दिल जीतने वाली ‘स्वरा भास्कर’ की फिल्म ‘अनारकली ऑफ आरा’ आज आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को डायरेक्ट किया है अविनाश दास ने, जोकि उनकी डेब्यू फिल्म हैं। स्वरा के फैन्स जानते ही हैं, वह लीक से हटकर बेहतरी स्टोरी भी काम करती हैं। ‘अनारकली ऑफ आरा’ की कहानी भी कुछ इसी तरह की है। यदि आप भी इस वीकेंड इस फिल्म को देखने की योजना बना रहे हैं, तो एक बार जरुर पढ़ ले इसका शॉर्ट रिव्यू।

कहानी- फिल्म की कहानी बिहार के आरा जिले की है। यहां एक एक स्टेज गायिका चमकी देवी गाना गाती है और लोगों का मनोरंजन करती है। एक दिन अचानक ही एक्सीडेंट से उसका निधन हो जाता है। लम्बे समय बाद चमकी की बेटी अनारकली(स्वरा भास्कर) अपनी मां की तरह स्टेज शो देती है और गाना गाती है। सब कुछ अच्छा चल रहा होता है कहानी में टविस्ट आता है तब जब वहां का एक लोकल दंबग धर्मेंद चौहान उर्फ वीसी (संजय मिश्रा) अनारकली के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करता है। अपनी इज्जत को बचाने के लिए अनारकली दिल्ली का रूख करती है। वहां वे वीसी के खिलाफ मोर्चा खोलती है और अपने हक की लड़ाई लड़ती है। इस जंग में अनारकली को किन-किन हालातों से गुजरना पड़ता है इसी की कहानी है ‘अनारकली ऑफ आरा’।

स्वरा भास्कर एक बेहतरीन अभिनेत्री है, वहीं उनका काम भी इस फिल्म में लोगों को बेहद पसंद आने वाला है। अंत तक वह आपको खुद से जोड़े रखती हैं। इस फिल्म के जरिए जमीनी सच को दिखाया गया है। वहीं अमिताभ की फिल्म ‘पिंक’ का डायलॉग भी इस फिल्म पर फिट बैठता है कि ‘न का मतलब न ही होता है।’

देखे या नहीं- बेहतरीन कहानी और बेहतरीन अभिनय को देखना है, तो जरूर देखे ‘अनारकली ऑफ आरा’।   

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