MOVIE REVIEW: ‘सरकार-3’ अमिताभ के जबरदस्त किरदार के बावजूद नहीं दिखा इस सरकार में दम...

मेधज न्यूज  |  Movies Review  |  12 May 17,10:06:43  |  
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निर्देशक ‘रामगोपाल वर्मा’ की फिल्म ‘सरकार’ का तीसरा पार्ट आज आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गया है। सरकार के पहले पार्ट में सुभाष नागरे उर्फ सरकार (अमिताभ बच्चन) के बेटे विष्णु (केके मेनन) की मौत हो जाती है। वहीं सरकार के दूसरे पार्ट में उसके दूसरे बेटे शंकर(अभिषेक बच्चन) की मौत हो जाती है। यहीं से शुरू होती है ‘सरकार 3’ की कहानी। यदि आप भी इस वीकेंड सरकार-3 देखने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो जरूर पढ़ लें फिल्म का शॉर्ट रिव्यू।

कहानी- सरकार (अमितभ बच्चन) की कहानी है, सरकार को सही लगता है वो वहीं करता है... वो चाहे भगवान के खिलाफ हो, समाज के खिलाफ हो, कानून के खिलाफ या पूर सिस्टम के खिलाफ। सराकर के जितने चाहने वाले हैं, उनसे ज्यादा उसे खत्म करने वाले। सरकार के तीसरे पार्ट में सरकार के पोते शिवाजी नागरे (अमित साध) की एंट्री होती है। सरकार की पहली दुश्मन की एंट्री होती है अमित की गर्लफ्रेंड अनु (यामी गौतम) के रूप में, जो सरकार से उसके पिता की मौत का बदला लेना चाहती है। वहीं, दूसरा दुश्मन नेता देशपांडे (मनोज बाजपेयी) के रूप में होती है, जो सरकार को लोगों की नजरों में गिराना चाहता है। तीसरा दुश्मन होता है बिजनेसमैन माइकल वाल्या (जैकी श्रॉफ) जो सरकार को खत्म करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाता है। पूरी कहानी में आपको कौन किसके साथ है कौन किसके खिलाफ इसी को समझने में सस्पेंस बरकरार रहेगा। वहीं सरकार के काफी करीबी गोकुल (रोनित रॉय) और गोरख (भरत दाभोलकर) कुछ ऐसा कर देते है, जिससे कहानी में काफी ट्विस्ट एंड टर्न्स आ जाते हैं। क्या सरकार के दुश्मन अपने मनसुबों में कामियाब होते हैं? इस सवाल को जानने के लिए आपको अपने नजदीकी सिनेमाघरों का रूख करना पड़ सकता है।

देखें या नहीं- काफी ट्विस्ट एंड टर्न्स व सस्पेंस के बाद फिल्म का जो क्लाइमैक्स आता है, वो काफी अधूरा-सा लगता है। लेकिन यदि आप सरकार के दूसरे पार्ट्स देख चुके हैं, तो आपको इसका तीसरा पार्ट देख लेना चाहिए।