तूफ़ान नहीं भ्रष्टाचार है सिंहस्थ तबाही की जड़

SIMHASTHA DESK  |  India  |  7 May 16,12:51:36  |  
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नई दिल्ली,

सिंहस्थ महाकुम्भ में आए तेज आंधी-तूफ़ान से शायद इतना नुकसान न होता, अगर मेले प्रशासन की लापरवाही न होती। गत गुरूवार को आए आंधी-तूफ़ान के बाद एक आर्किटेक्ट ने मेले का दौरा करने के बाद यह खुलासा किया कि सिंहस्थ महाकुम्भ मेले में लगे तम्बूओं और पंड़ालों की गहराई सिर्फ 2 फिट ही थी।

अगर ऐसी स्थिति में साधारण तूफ़ान भी आया तो, इतना नुकसान होना निश्चय था। वहीं सिंहस्थ महाकुम्भ के शुरुआत से ही मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यह दावा किया गया कि मेले में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के हिस्सा ले रहे है।

लेकिन मेला प्राधिकरण की रिपोर्ट ने सरकार के दावे झूठला दिया, वाहन पार्किग रिपोर्ट के मुताबिक 21 से 25 अप्रैल तक आयोजित सिंहस्थ के पहले शाही स्नान में केवल 12005 वाहन ही उज्जैन आए थे, जबकि राज्य सरकार ने कहा था कि शाही स्नान में लाखों श्रद्धालुओँ हिस्सा लिया हैं।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार ने सिंहस्थ महाकुम्भ मेले के आयोजन में करीब 3500 करोड़ रूपये खर्च कर रही है।