कोयला टैक्स न देने के आरोप में आयकर विभाग ने CCL को भेजा 122 करोड़ रूपये का नोटिस

Medhaj News 14 Nov 17 , 06:01:37 Power and Infrastructure
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आयकर विभाग की TDS ( TAX Deducted at source) शाखा ने CCL ( Centre coalfields limited) द्वारा कोयले की बिक्री के दौरान स्त्रोत पर टैक्स की कटौती नहीं किए जाने की वजह से राशि भुगतान के लिए नोटिस जारी किया है। जिसमें CCL को 122.39 करोड़ रूपये चुकाने होगें। क्योंकि कुछ कंपनियां निजी उपयोग के नाम पर कोयले को खुले बाजार में बेच रही है।

आयकर विभाग की जांच- पड़ताल में CCL दोषी

आयकर विभाग को CCL के दस्तावेजों की जांच- पड़ताल के बाद पता चला कि 192 कंपनियां निजी उपयोग के नाम पर कोयले का उठाव करती है और कोयले का उठाव करने के बाद उसे खुले बाजार में बेच दिया जाता है। ये कंपनियां फार्म 27 का दुरुपयोग कर रही है। जांच- पड़ताल के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर CCL को अपना पक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया था। इस संबंध में CCL ने कहा है कि आयकर विभाग ने फार्म 27 का दुरुपयोग करने वाली कंपनियों को कोयला न देने को कहा है।

आयकर विभाग ने CCL को बताया गलत

आयकर विभाग ने समीक्षा के दौरान CCL के इस जवाब को गलत माना है, क्योंकि आयकर के सक्षम अधिकारी ने कभी कोयला देना बंद करने का निर्देश नहीं दिया था। क्योंकि इससे कंपनी की आर्थिक स्थिति पर गलत प्रभाव पड़ेगा। आयकर के सक्षम अधिकारी की ओर से कोयले की बिक्री के समय स्रोत पर टैक्स की कटौती करने का निर्देश दिया गया था, ताकि फार्म 27 का दुरुपयोग रोका जा सका।

CCL ने कमाए करोड़ों

आयकर विभाग ने CCL के जवाब की समीक्षा करने के बाद पाया है कि इस कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2012-13 से जुलाई 2017 तक की अवधि में फार्म 27 के सहारे 9627.83 करोड़ रुपये के कोयले की बिक्री की है। हालांकि किसी से टैक्स की कटौती नहीं की है। इसलिए आयकर विभाग ने CCL के खिलाफ कोयले की इस बिक्री पर टैक्स और 1% की दर से सूद की गणना करने के बाद 122.39 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस जारी किया है।

 

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