दिल्ली सरकार को 2265 मेगावाट बिजली सरेंडर करने दें केंद्र: सत्येन्द्र जैन

Medhaj News 29 Nov 17 , 06:01:37 Power and Infrastructure
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उद्योग संगठन ICC ( Indian chamber of Commerce) की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था, इस कार्यक्रम में बिजली मंत्री सत्येन्द्र जैन ने India Energy Summit  को संबोधित करके हुए कहा, कि बिजली सेक्टर के मुद्दों को जानबूझकर जटिल बनाया गया है और उपभोक्ताओं को ज्यादा उत्पादन के बाद भी मंहगी बिजली क्यों मिल रही है।

जैन ने कहा – 2265 मेगावॉट बिजली सरेंडर करने दें केंद्र

बिजली मंत्री सत्येन्द्र जैन ने केंद्र की ऊर्जा नीतियों को जटिल और घालमेल वाला करार देते हुए कहा, कि देश में जरूरत से ज्यादा उत्पादन के बाद भी उपभोक्ताओं को मंहगी बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा, कि देश में जितने प्लांट है, उतने रेट है। बिजली उत्पादन की कुल क्षमता 2.5 लाख मेगावाट से ज्यादा है, जबकि पीक डिमांड 1.5 लाख ही है। तो फिर निजी कंपनियों को 14-16% गांरटीड रिटर्न के साथ निवेश करने को क्यों कहा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश में कई पावर प्लांट सिर्फ कागजों पर चल रहे है और ये पावर प्लांट कोई उत्पादन नहीं कर रहे है।

जैन ने कहा, कि दिल्ली सरकार पिछले 2साल से अपनी 2265 मेगावाट अतिरिक्त मंहगी बिजली सरेंडर करने की मांग कर रही है। अगर केंद्र सरकार इसकी इजाजत देता है तो हम अपनी लागत घटा लेंगे। उन्होंने कहा, कि दिल्ली सरकार ने सत्ता में आते ही ये साफ कर दिया था कि केंद्रीय प्लांटों से दिल्ली के लिए बिजली की जितनी मात्रा आंवटित की गई है, वह उसकी जरूरतों से 2गुना ज्यादा है और यह बिजली बाजार मूल्य से करीब 2गुना मंहगी मिल रही है।

बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता आने से 10साल तक नहीं बढ़ेंगे बिजली के दाम

जैन ने लगातार 3साल से बिजली के दाम न बढने देने को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया और कहा, कि अगर बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता आ जाए तो सरकार को 10 साल तक बिजली के दाम बढ़ाने की जरुरत नहीं पडेगी। इसी के साथ जैन ने दावा किया है कि अगर बिजली सेक्टर में पारदर्शिता आने से उद्योगों को भी 5रूपये प्रति यूनिट से सस्ती बिजली मिल सकती है।

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