ममता को कोर्ट से फटकार, कहा ‘विसर्जन ही क्यों, रोक लगाना है तो सभी पर क्यों नहीं लगाया’

Medhaj News 21 Sep 17 , 06:01:37 Power and Infrastructure
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दुर्गा पूजा व मुहर्रम के दौरान मूर्ति विसर्जन पर लगाई रोक पर आज कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को फिर से जमकर फटकार लगाई। गुरूवार को सुनावई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिबंध लगाना, तो सबसे आखिरी विकल्प है। इस विकल्प का इस्तेमाल सबसे पहले क्यों सरकार को सिलसिलेवार तरीके से कदम उठाना होंगे।

कोर्ट ने कहा, “कुछ भी गलत होने की आशंका के आधार पर धार्मिक मामलों पर बंदिश नहीं लगा सकते हैं। आपके पास अधिकार है, पर असीमित नहीं। आप सभी नागरिकों को बराबरी की नजरों से देखें।”

हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार को प्रतिबंध लगाना तो सभी पर क्यों नहीं लगाया। सरकार बिना आधार अधिकार का इस्तेमाल कर रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार कैलेंडर को नहीं बदल सकती है, क्योंकि आप सत्ता में हैं इसलिए दो दिनों के लिए बलपूर्वक आस्था पर रोक नहीं लगा सकते हैं। सरकार को हर हालात के लिए तैयार रहना होगा।

 

हालांकि, दूसरी ओर सरकार के वकील ने कोर्ट में कहा कि क्या सरकार को कानून व्यवस्था का अधिकार नहीं है। वकील की ओर से कहा गया है कि अगर कानून व्यवस्था बिगड़ी तो किसकी जिम्मेदारी होगी।

गौरतलब है कि पिछले दिनों ममता बनर्जी ने फैसला दिया था कि विजयदशमी वाले दिन मूर्ति विसर्जन केवल 6 बजे तक ही किया जा सकता है। ममता बनर्जी ने अपने फैसले के पीछे दलील दी थी कि मुहर्रम और विजयदशमी एक साथ आ रहे है, मोहर्रम की जुलूसों के दौरान मां दुर्गा की मूर्ति के विसर्जन 6 बजे तक ही किया जा सकेगा। ममता के इस फैसले के बाद कई संगठन विरोध दर्ज करवाते हुए मामले को कोर्ट ले गए।

मामला कोर्ट में पहुंचते ही ममता सरकार ने नरम रूख अपनाते हुए कहा था कि उन्होंने विसर्जन का  समय बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया है। हालांकि, याचिकाकर्ता इस समय को देर रात 1 बजे तक कराना चाहते थे।

 

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