राजस्थान की महाराजागंगासिंह युनिवर्सिटी मे लगाया जाएगा सोलर प्लांट, 100 किलोवॉट बिजली होगी प्राप्त

medhaj news 13 Sep 17,18:31:40 Power and Infrastructure
solar_panels.jpg

राजस्थान के बीकानेर में स्थित महाराजागंगासिंह विश्वविद्यालय में सोलर कॉरिडोर बनाने की तैयारी की जा रही है। इससे युनिवर्सिटी को 100 किलोवाट तक बिजली प्राप्त होगी। इसके साथ ही ये राज्य के एकेडमिक क्षेत्र की पहली युनिवर्सिटी बन जाएगी जो अपने लिए स्वयं बिजली तैयारी करेगी। सौर ऊर्जा से बनी बिजली कोयले पर आधारित बिजली से सस्ती भी है।

युनिवर्सिटी में 100 किलोवॉट का सौर प्लांट लगाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने इस परियोजना को हरी झंडी दिखाते हुए 1 करोड़ रुपए की राशि भी स्वीकृत कर दी है। युनिवर्सिटी ने सोलर पैनल लगाने के लिए राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड (रील) से बातचीत की है। इसी सप्ताह कंपनी और विश्वविद्यालय के बीच एमओयू होने के बाद अगले माह से कार्य शुरू हो जाएगा।

इसे भी पढ़ें-उदय योजना से कम हो रही बिजली चोरी, डिस्कॉम घाटे में आई 11 हजार करोड़ की कमी

इस सोलर प्लांट को स्थापित करने के लिए लगभग दो ढाई महीनों का समय लगेगा। हालांकि कुछ दिन पहले ही विश्वविद्यालय प्रसाशन ने पूरे विश्वविद्यालय में 252 सोलर लाइट भी लगाई है। वहीं इस प्रोजेक्ट के फाइनल होते ही युनिवर्सिटी पूरी तरह से बिजली उत्पादन के लिए आत्मनिर्भर हो जाएगी।

बता दें, मौजूदा समय में विश्वविद्याल का बिजली बिल लगभग 1.50 लाख के करीब है। सोलरप्लांट लगने के बाद विश्वविद्यालय को हर माह लगभग 70 हजार रुपए की बचत होगी। यानी की ये लागत लगभग आधी हो जाएगी।

विश्वविद्यालय के कुल सचिव मनोज कुमार शर्मा कि विश्व विद्यालय परिसर के मुख्यद्वार से परीक्षा भवन तक सोलर कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर में नीचे स्टूडेंट्स चलेंगे। जबकि ऊपर बिजली बनती रहेगी। जिससे छात्र-छात्राओं को धूप से राहत मिलेगी। इसके लिए 12 से 15 फीट ऊंचे सोलर पैनल लगाए जाएंगे।

    मेधज न्यूज़ के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक करें। आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं।

    loading...

    Similar Post You May Like