भारत में सौर्य उर्जा की बढ़ोत्तरी हो रही 6.5 लाख रूपये की बचत

medhaj news 14 Dec 17 , 06:01:37 Power and Infrastructure
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सरकार सौर्य उर्जा को बढ़ावा देते हुए ये निर्णय लिया है की देश में सोलर सेल प्लांट ज्यादा से ज्यदा लगेंगे |सरकार ने जवाहरलाल नेहरू सोलर मिशन के जरिये साल 2022 तक सौर ऊर्जा से एक लाख मेगावाट से अधिक बिजली पैदा करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 40 हजार मेगावाट घर के छतों पर लगाए जाने वाले सोलर (रूफटॉप) से और 60 हजार मेगावाट बिजली बड़े और मझोले ग्रिड से जुड़ी हुईं परियोजनाओं के जरिये पूरा किया जाएगा। इसके अलावा सोलर पावर का कारोबार करने वालों को भी सरकार मौका देगी। साथ ही देशभर में परियोजना लगाने के लिए आर्थिक सहायता भी देगी। फिलहाल केंद्र सरकार ने 2022 तक वैकल्पिक ऊर्जा स्नोतों की सहायता से दो लाख मेगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, लेकिन बिजली की बढ़ती हुई खपत के लिए ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भी काम करने की जरूरत है।

आपकी छत से तैयार होगी बिजली

भारत में अब पावर ग्रिड से कम और आपकी छत से ज्यादा तैयार होगी बिजली, ये है पूरा प्लान-

पिछले दिनों जर्मनी के बॉन में हुए जलवायु परिवर्तन सम्मलेन में भारत ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने की अपनी प्रतिबद्धिता दोहराई। साथ ही अक्षय ऊर्जा के अधिक प्रयोग और अपनी बढ़ती क्षमता पर भी दुनिया के सामने अपना पक्ष रखा। सच्चाई यह है की अक्षय ऊर्जा के अधिकाधिक प्रयोग से ही कार्बन उत्सर्जन कम हो सकता है। फिलहाल भारत सरकार की योजना अक्षय ऊर्जा की मदद से साल 2022 तक सभी को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने की है। देश में बिजली की मांग और आपूर्ति में काफी अंतर है, क्योंकि मांग के अनुपात में बिजली का उत्पादन नहीं हो रहा है, जबकि इसकी बढ़ती हुई कीमतों ने आम आदमी के बजट को बिगाड़कर रख दिया है। ऐसे में सौर ऊर्जा लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प बनकर उभरा है। इसकी मदद से ग्रिड एनर्जी पर बढ़ती निर्भरता को भी कम किया जा सकता है। साथ ही सौर ऊर्जा स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है।

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