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बारिश से बेहाल हुआ बिहार

Medhaj News 1 Oct 19,00:01:54 Science & Technology
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लगातार हो रही बारिश के बाद पटना की सड़कों पर शनिवार से ही नावें चलनी लगी थीं. रविवार को भी दिनभर लगातार तेज बारिश होती रही। अब बारिश का पानी शहर के सभी मुहल्लों में फैल गया है। निचले इलाक़े जैसे कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, पटना सिटी जलमग्न हैं। रविवार को पटना में बीते 24 घंटों के दौरान 116 मिलीमीटर बारिश हुई है। शनिवार तक यह रिकार्ड पहले से 205 मिमी था। यह तस्वीरें दिखाती हैं कि पटना शहर किस तरह बारिश से प्रभावित हुआ है। कई रिहाइशी इलाके इस बाढ़ की चपेट में आ गए हैं जिससे शहर की तस्वीर ही बदल गई है।





पटना से सटी सारी नदियाँ गंगा, पुनपुन, गंडक, सोन पहले से उफान पर हैं। जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। पानी के दबाव के कारण ड्रेनेज सिस्टम फेल हो चुका है। पटना की एक बड़ी आबादी अभी भी अपने घरों में फंसी है।





रशासन राहत और बचाव कार्य के इंतजाम में लगा है प्रशासन का कहना है कि शहर के सभी प्राइवेट और निजी स्कूलों को कैंप बना दिया गया है इस बात पर भी विचार किया जा रहा हैं कि जो लोग बुरी तरह फंस गए हैं उनके लिए सेना की मदद ली जाए





पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एपी शाही ने भारी बारिश और जलजमाव को देखते हुए सोमवार को पब्लिक हॉलीडे घोषित करने का आदेश दिया है।





लगातार हो रही बारिश से शहर में इतना जलभराव हो गया है कि शहर के लगभग 80 फीसदी घरों के ग्राउंड फ्लोर में पानी घुस चुका है. अस्पतालों, स्कूलों, सार्वजनिक दफ्तरों, मंत्रियों, नेताओं के घरों में भी पानी है.



पटना में ही मौजूद सहयोगी नीरज सहाय के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे आपदा जैसी स्थिति बताया है.



नीतीश कुमार ने मौजूदा स्थिति पर कहा, लोगों को भी अपना मन और हौसला थोड़ा बुलंद रखना चाहिए। नेचर किसी के हाथ में नहीं है. यहां तक कि मौसम विज्ञान भी सुबह कुछ कहता है और दोपहर तक बात बदल जाती है। ऐसी परिस्थिति में हिम्मत से काम लेने की ज़रूरत है।





बिहार के मुख्यमंत्री ने ये भी बताया है कि यदि दक्षिण में पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ गया तो दिक़्क़त और बढ़ सकती है। हालांकि, उन्होंने ये भी बताया कि सरकार अपनी ओर से हर संभव कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, हर जगह आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस-प्रशासन तंत्र सब एकजुट होकर लगे हुए हैं।  पटना में जल जमाव वाले इलाकों में पेयजल और दूध की आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है. सूखा पड़ने के बाद अब अचानक ऐसी स्थिति बन गई है। पीड़ितों की हर संभव सहायता की जा रही है। कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की जा रही है।


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