1 अक्टूबर से ऑनलाइन सामान खरीदना होगा महंगा

Medhaj news 14 Sep 18,17:25:31 Science & Technology
online_shopping.jpg

अगले महीने से ऑनलाइन सामान खरीदना महंगा होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा टैक्स बढ़ाने से अब इसकी मार सबसे ज्यादा ग्राहकों पर पड़ने वाली है। इससे फेस्टिव सीजन में ग्राहकों को सामान खरीदने पर ज्यादा पैसा चुकाना पड़ेगा।केंद्र सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून के तहत स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) तथा स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) प्रावधानों को लागू करने के लिए एक अक्तूबर की तारीख अधिसूचित की है।केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम के मुताबिक, अधिसूचित कंपनियों को 2.5 लाख रुपये से अधिक की वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के भुगतान पर एक फीसदी टीडीएस काटना जरूरी होगा। साथ ही, राज्य कानूनों के तहत राज्य एक फीसदी टीडीएस वसूलेंगे।

ई-कॉमर्स कंपनियों को अब जीएसटी के तहत आपूर्तिकताओं को किए गए किसी भी भुगतान पर एक प्रतिशत टीसीएस संग्रह करने की जरूरत होगी। राज्य भी राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) कानून के तहत एक प्रतिशत टीसीएस लगा सकते हैं। ईवाई के कर भागीदार अभिषेक जैन ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों को टीसीएस के लिए तथा विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों, सरकारी कंपनियों को टीडीएस के लिए अपनी प्रणाली जल्द तैयार करनी होगी ताकि वे एक अक्टूबर से इस प्रावधान का अनुपालन कर सकें।

पूरे देश में 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ था, लेकिन कारोबारियों को तैयारी का समय देने के लिए टीडीएस और टीसीएस के प्रावधान 30 सितंबर 2018 तक टाल दिया गया था। 18 सितंबर से टीडीएस और टीसीएस के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू किए जाएंगे। कंपनियों के पास नियम के पालन की तैयारी करने के लिए बहुत कम समय रह गया है। उन्हें 2 हफ्ते में अपना सिस्टम बदलना पड़ेगा। इस प्रावधान से ना सिर्फ अप्रत्यक्ष कर बल्कि प्रत्यक्ष कर की चोरी भी रुकेगी। टीसीएस से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वालों की कमाई का अंदाजा लग सकेगा।

मौजूदा वित्त वर्ष के पहले महीने अप्रैल में 1.03 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन हुआ था। अगस्त में सिर्फ 93,960 करोड़ आए, जो 2018-19 में सबसे कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए ही सरकार ने जल्दबाजी में यह फैसला लिया है। कम समय को देखते हुए उद्योग को अब कमर कस लेना चाहिए।इन दोनों प्रावधानों से अर्थव्यवस्था में कर प्राधिकार की पहुंच और बढ़ेगी और व्यापक रूप से अप्रत्यक्ष कर के साथ प्रत्यक्ष कर की होने वाली कर चोरी पर लगाम लगेगी।

ये भी पढ़े - अगर ये करे तो आम आदमी को पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से मिल सकती है राहत,खुलासा

    मेधज न्यूज़ के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक करें। आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं।

    ...
    loading...

    Similar Post You May Like


    Trends