श्री योगी आदित्यनाथ जी अयोध्या में प्रर्दशनी का अवलोकन एंव पुस्तक विमोचन वा जनसभा को सम्बोधित करते हूए।

medhaj news 16 Dec 18,00:53:16 Science & Technology
yogicolage5.png

प्रयागराज में मकर संक्रांति पर्व पर 15 जनवरी से आयोजित होने वाले महाकुंभ से पहले प्रदेश सरकार की ओर से अलग-अलग पांच वैचारिक कुंभों का आयोजन किया गया है। पहले दो वैचारिक कुंभ काशी एवं वृंदावन में आयोजित हो चुके हैं जिन्हें क्रमश: पर्यावरण एवं नारी शक्ति कुंभ का नाम दिया गया था। तीसरे समरसता कुंभ का श्रीगणेश शनिवार को होगा। इसके लिए  अवध विश्वविद्यालय के नवीन  परिसर के करीब 44 एकड़ के विस्तृत क्षेत्रफल में  कुंभ नगरी बसाई गई है। वाल्मीकि नगरी के नाम से विश्रुत इस टेंट नगरी को 54 हिस्सों में बांटा गया है।





मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं है। यह हमारी सामाजिक समरसता का परिचायक है। लेकिन इसके बारे में कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जाती रही हैं। जबकि कुंभ असल में सामाजिक एकता का परिचायक है और उसमें किसी से किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होता।योगी ने कहा कि यह भेद उन्होंने किया जिन्होंने देश और समाज को बांटने की कोशिश की। कुंभ में करोड़ों लोग आते हैं। लेकिन कोई बता नहीं सकता कौन किस जाति, वर्ण और धर्म का है। फिर भेदभाव कहां है? उन्होंने मुंबई और महाराष्ट्र के सभी लोगों को कुंभ का आमंत्रण दिया। 





योगी ने कहा कि इस बार कुंभ में पहली बार प्रयाग के किले में कैद सरस्वती के दर्शन के साथ भारद्वाज आश्रम और चित्रकूट आश्रम के भी दर्शन होंगे। हजारों वर्षों की परंपरा का यह कुंभ साक्षी होगा। उन्होंने कहा कि इस बार कुंभ में 15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आएंगे। बेहतरीन व्यवस्था के साथ सभी तैयारियां शुरू हो गई है।





योगी के अनुसार कुंभ मेला केवल धार्मिक जमावड़ा नहीं है, बल्कि उसका सामाजिक, वैज्ञानिक, ज्योतिषीय और संस्कृतिक आधार है। हमारी पौराणिक मान्यताओं की प्रासंगिकता का परिचय कुंभ में होता है।





अयोध्या: समरसता कुंभ का आयोजन, दो दिन तक चलेगा समरसता कुंभ, देशभर से 3500 लोग समरसता कुंभ में करेंगे शिरकत



● डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में सीएम ने दो दिवसीय समरसता कुंभ का किय उद्घाटन,सीएम योगी नें दो दिवसीय समरसता कुंभ पर आधारित पुस्‍तक का विमोचन किया | 

● देश भर से 3500 लोग समरसता कुंभ में भाग लेने आए,कुंभ की तरह ही 3500 लोगों के रहने की व्यवस्था टैंटों में की गई,समरसता कुंभ का आयोजन देश में समरसता कायम हो इसलिए किया जा रहा,उत्तर प्रदेश सरकारन ने किया कार्यक्रम का आयोजन | 

● समरसता कुंभ का मुख्य उद्देश हिंदू धर्म के सभी संप्रदायों का एक साथ एक ही मंच पर व्याख्यान कराना है,कार्यक्रम के द्वारा सरकार संप्रदाय में बंटे हिंदू धर्म को एक मंच पर लाकर समरसता का संदेश देने की कोशिश कर रही | 

●कुम्भ भारतीय संस्कृति में मानवता का सबसे बड़ा मिलन स्थल,हजारों सालों से होने वाले इस विराट आयोजन को भारत की आध्यात्मिक सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाला जमावड़ा होता है,जहां लिंग जाति मजहब का कोई भेद नही होता | 

● पहले वैचारिक कुम्भ का आयोजन इसीलिए किया है कि कुम्भ का संदेश क्या होना चाहिये,मानवता के कल्याण को प्रशस्त करने का मार्ग भारत से निकलेगा और इसकी आधार भूमि अयोध्या हो सकती है | 

● चौथा वैचारिक कुम्भ लखनऊ,5वां प्रयागराज में होगा,कुंभ शब्द लोग प्रयोग करने लगे,लखनऊ में कृषि कुम्भ हुआ,कुम्भ शब्द अब फैशन में आ गया,ये वैसा ही है लोग अब राजनीति के लिए अपना जनेऊ गोत्र बताने लगे,पहले कहते थे ऑक्सीडेटली हिन्दू हैं,ये हमारी वैचारिक विजय | 



● अयोध्या कोर्ट में कौन लोग गए? जो कभी खुद मंदिर नहीं गए होंगे। लेकिन कहते सबको प्रवेश मिलना चाहिए,भेदभाव नहीं होना चाहिए भगवान के सामने, लेकिन आस्था होनी चाहिए,ऐसी PIL को लेकर फिर कोई NGT और SC चला जायेगा, और कहेगा कि इसे रोक दो,ऐसी PIL पर सुनवाई जल्दी होती है | 

● अयोध्या षड्यंत्र आरंभ हुए तो मुझे लगा प्रयागराज कुम्भ होगा तो उसके खिलाफ षडयंत्र की कोशिशें होंगी उससे पहले हम वैचारिक कुम्भ करके इसे बताएंगे,हमसे बड़ा पर्यावरण हितैषी कौन हो सकता, एक हिन्दू पीपल बरगद नही काटता | 

● अयोध्या वाल्मीकि ने रामायण को रचा,लेकिन वाल्मीकि समाज के साथ भेदभाव करते हैं,हमने अपनी परंपराओं को भुला दिया और राहुल गांधी की तरह अपना नया गोत्र बनाने लगे,हमने वो स्वीकार कर लिया जो विदेशी चाहते थे | 

●अयोध्या जिनका दो हजार साल का भी इतिहास नहीं वो हमारा हजारों साल का इतिहास बताते हैं,राम राज्य की स्थापना करने वाले कौन लोग थे,फेसबुक गूगल की बात करते हैं,गूगल कितना पुराना है,हमारी परंपराओं, इतिहास के बारे में जो रामायण, वेद कहेंगे वो सही होगा | 


    Comments

    Leave a comment


    Similar Post You May Like